गढ़फूलझर में ऐतिहासिक गुरुद्वारा नानक सागर साहिब का भूमि पूजन 15 मार्च को, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय होंगे शामिल

गढ़फूलझर में ऐतिहासिक गुरुद्वारा नानक सागर साहिब का भूमि पूजन 15 मार्च को, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय होंगे शामिल

महासमुंद। जिले के गढ़फूलझर क्षेत्र में स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा नानक सागर साहिब के भव्य निर्माण के लिए 15 मार्च को भूमि पूजन एवं होला महल्ला का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम को लेकर क्षेत्र में तैयारियां तेज हो गई हैं और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।इतिहासकारों और शोधकर्ताओं के अनुसार सिखों के प्रथम गुरु Guru Nanak Dev अपनी पहली उदासी यात्रा के दौरान लगभग 518 वर्ष पूर्व वर्ष 1506 में Amarkantak से Shivrinarayan होते हुए Puri जाते समय गढ़फूलझर में दो दिन तक ठहरे थे।

बताया जाता है कि उस समय यहां के राजा मानस राज सागर चंद भेना राजा ने गुरु नानक देव के सम्मान में लगभग 5 एकड़ भूमि प्रदान की थी। यह भूमि आज भी “गुरुखाब” नाम से जानी जाती है और राजस्व अभिलेखों में गुरु नानक देव के नाम से दर्ज है।नानक सागर गांव के समीप गुरु नानक देव जी के नाम पर करीब 12 एकड़ भूमि पर ऐतिहासिक गुरुद्वारा नानक सागर साहिब स्थित है। पूर्व समय में बंजारा समाज द्वारा यहां गुरु नानक देव जी का मंदिर भी निर्मित कराया गया था।शोधकर्ताओं के अनुसार इस क्षेत्र के लगभग 40 गांवों के टांडा में करीब 1000 बंजारा परिवार निवास करते हैं, जिनका सिख समाज से ऐतिहासिक जुड़ाव रहा है।

वर्तमान में गुरुद्वारा साहिब के भव्य निर्माण का कार्य सुबेग सिंह, जत्थेदार साहेब सिंह कार सेवा तथा नानक सागर साहिब निर्माण समिति के नेतृत्व में कराया जा रहा है।आयोजन में पंजाब, हरियाणा, जम्मू, उड़ीसा सहित देश-विदेश और छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से सिख समाज के श्रद्धालुओं के बड़ी संख्या में पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

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