दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना में 17 लाख की धोखाधड़ी, दो आरोपी गिरफ्तार
दुर्ग, 20 मई 2026। दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना की शासकीय राशि फर्जी बैंक खातों में ट्रांसफर कर धोखाधड़ी करने वाले दो आरोपियों को दुर्ग पुलिस ने गिरफ्तार किया है। मामला थाना धमधा एवं थाना पाटन क्षेत्र से जुड़ा है, जहां कुल 107 हितग्राहियों की करीब 17 लाख 10 हजार रुपये से अधिक की राशि अन्य खातों में स्थानांतरित किए जाने का खुलासा हुआ है।पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने जनपद पंचायत स्तर पर उपलब्ध लॉगिन आईडी एवं पासवर्ड का दुरुपयोग करते हुए ऑनलाइन पोर्टल में हितग्राहियों के वास्तविक बैंक खातों की जगह अपने नियंत्रण वाले बैंक खातों की जानकारी दर्ज कर दी थी।
इसके बाद योजना की राशि फर्जी खातों में ट्रांसफर होती रही।शिकायत के बाद खुलासामुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत धमधा ने 17 मई 2026 को थाना धमधा में तथा जनपद पंचायत पाटन द्वारा 19 मई 2026 को थाना पाटन में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि योजना के हितग्राहियों को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि अन्य बैंक खातों में भेजी जा रही है।जांच में थाना धमधा क्षेत्र के 44 हितग्राहियों की लगभग 4 लाख 50 हजार रुपये तथा थाना पाटन क्षेत्र के 63 हितग्राहियों की करीब 12 लाख 60 हजार रुपये की राशि फर्जी खातों में ट्रांसफर होना पाया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना धमधा एवं थाना पाटन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) तथा 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।तकनीकी जांच से आरोपी गिरफ्तारपुलिस ने बैंक दस्तावेज, ऑनलाइन पोर्टल एवं तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। जांच में सामने आया कि आरोपियों को खातों में सुधार के लिए अधिकृत लॉगिन एक्सेस प्राप्त था, जिसका दुरुपयोग कर उन्होंने बैंक खातों में बदलाव किया।पुलिस ने बताया कि आरोपियों द्वारा प्राप्त राशि का संचालन मोबाइल बैंकिंग एवं एटीएम के माध्यम से किया जा रहा था।
शिकायत और जांच शुरू होने की जानकारी मिलने पर कुछ राशि वापस भी जमा कराई गई थी।गिरफ्तार आरोपीदीपक कुमार यादव, निवासी जिला दुर्गलिलेश्वर यादव उर्फ रवि (26 वर्ष), निवासी ग्राम अकोला वार्ड क्रमांक-06 उड़िया बस्ती, थाना कुम्हारी, जिला दुर्गजप्त सामग्रीमोबाइल फोनएटीएम कार्डबैंक पासबुक एवं बैंक संबंधी दस्तावेजदुर्ग पुलिस की अपीलदुर्ग पुलिस ने आमजन एवं शासकीय योजनाओं से जुड़े कर्मचारियों से अपील की है कि किसी भी शासकीय पोर्टल की लॉगिन आईडी, पासवर्ड, बैंकिंग जानकारी या ओटीपी किसी अन्य व्यक्ति से साझा न करें।
किसी भी वित्तीय अनियमितता की जानकारी तत्काल पुलिस अथवा संबंधित विभाग को देने की अपील भी की गई है।
