धर्मनगरी दुर्ग में हुआ शिव-शक्ति का अद्भुत मिलन, बाबा महाकाल के दर्शन कर भावविभोर हुए श्रद्धालु

उज्जैन के मनमहेश चंद्रमौलेश्वर महाकाल का गंजपारा में भव्य स्वागत, ढोल-ताशों और आतिशबाजी के बीच हुई महाआरती
दुर्ग। धर्मनगरी दुर्ग के गंजपारा स्थित श्री सत्तीचौरा मां दुर्गा मंदिर में शिव-शक्ति का अद्भुत एवं अलौकिक मिलन देखने को मिला। उज्जैन की पावन नगरी से भगवान मनमहेश चंद्रमौलेश्वर महाकाल की दिव्य प्रतिमा के शुभागमन पर मंदिर परिसर में श्रद्धा और भक्ति का माहौल बन गया। बाबा महाकाल के भव्य स्वागत के लिए ढोल-बाजे और आतिशबाजी की गई। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे।उल्लेखनीय है कि यह वही दिव्य प्रतिमा है, जो प्रतिवर्ष उज्जैन में निकलने वाली बाबा महाकाल की भव्य पालकी यात्रा में विराजमान होती है।

प्रतिमा उज्जैन से जगन्नाथ पुरी के लिए रवाना हुई है, जहां भगवान जगन्नाथ (हरि) और भगवान शिव (हर) का दिव्य मिलन होगा। इसके पश्चात प्रतिमा पुनः उज्जैन लौटेगी।प्रतिमा के साथ उज्जैन के महाराज कुलदीप गुरु भी दुर्ग पहुंचे। उन्होंने धर्मप्रेमियों को संबोधित करते हुए कहा कि माता रानी और बाबा की सेवा सदैव निस्वार्थ भाव से करनी चाहिए। घर से निकलने से पहले माता-पिता का आशीर्वाद अवश्य लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिव का अर्थ पिता और शक्ति का अर्थ माता है।
जो व्यक्ति अपने माता-पिता को ही शिव-शक्ति मानकर उनकी सेवा और पूजा करता है, उसका जीवन सदैव सुखमय रहता है।भोले बाबा के भक्त ऋषि मिश्री गुप्ता ने बताया कि बाबा महाकाल की प्रतिमा का सर्वप्रथम सत्ती माता, सतीश्वर महादेव एवं बजरंगबली मंदिर में विधिवत मिलन कराया गया। इसके बाद प्रतिमा को श्री सत्तीचौरा मां दुर्गा मंदिर लाया गया, जहां मंदिर समिति की ओर से भव्य स्वागत किया गया।मंदिर परिसर में शिव-शक्ति के दिव्य मिलन के पश्चात बाबा महाकाल की भव्य महाआरती आयोजित की गई।
ढोल, ताशा और झांझ की गूंज से पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा। इस दौरान महाराज कुलदीप गुरु ने एक पैर पर खड़े होकर झूमते हुए बाबा महाकाल की आरती की, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रही। उपस्थित भक्त भी भक्ति में सराबोर होकर झूम उठे।बाबा महाकाल का रात्रि विश्राम समिति सदस्य एवं भक्त मिश्री गुप्ता के निवास पर हुआ। अगले दिन सुबह विधिवत पूजा-अर्चना एवं विदाई के बाद बाबा महाकाल की प्रतिमा को भगवान जगन्नाथ पुरी में हरि-हर के दिव्य मिलन के लिए रवाना किया गया।
दुर्ग-भिलाई के धार्मिक इतिहास में यह आयोजन विशेष महत्व रखता है। उज्जैन के बाबा महाकाल की दिव्य प्रतिमा के दर्शन का सौभाग्य मिलने से श्रद्धालु भावविभोर नजर आए। यह आयोजन दुर्गवासियों के लिए आस्था, श्रद्धा और भक्ति का अविस्मरणीय अनुभव बन गया।इनकी रही उपस्थिति: आयोजन में अशोक राठी, महेश टावरी, तारा मिश्री गुप्ता, प्रतिभा सुरेश गुप्ता, पार्षद दुर्गा अग्रवाल, मिथिला शर्मा, चंदा शर्मा, तारा पुरोहित, सरिता राजेश शर्मा, अर्चला गोपाल शर्मा, चंचल संजय शर्मा, किरण मनीष सेन, आभा गोपाल शर्मा, ललित शर्मा, ईशान शर्मा, मनोज गुप्ता, पिंकी गुप्ता, विनय मिश्रा, राकेश महोबिया, लक्ष्मी यादव, राहुल शर्मा, दिनेश पुरोहित, हर्षद पारख, मोहित पुरोहित, चिंटू शर्मा, वाशु शर्मा, अनीता अग्रवाल, प्रीति राजगढ़िया, लक्की अग्रवाल, प्रकाश सिन्हा, ललिता जायसवाल, सुयश गुप्ता, नमन खंडेलवाल, गोलू गुप्ता, सोनल सेन, सार्थक शर्मा, मोक्ष शर्मा, सिद्धू सेन, विक्रांत दुबे, आकाश दुबे सहित सैकड़ों श्रद्धालु एवं समिति के सदस्य उपस्थित रहे।
श्री सत्तीचौरा मां दुर्गा मंदिर समिति एवं समस्त भक्तगण, दुर्ग।
