119 और 98 उपवास की कठिन तपस्या कर रहीं तपस्वियों की अनुमोदना में उमड़ा श्रद्धा और भक्ति का सैलाब श्रमण संघ महिला मंडल ने भक्ति गीतों से बांधा समां, राष्ट्र संत डॉ. मणिभद्र मुनि जी का मिला पावन सानिध्य
दुर्ग। जय आनंद मधुकर रतन भवन, बांधा तालाब दुर्ग में श्रीमती नंदा देवी पारख एवं श्रीमती किरण देवी संचेती की कठिन तपस्या के अनुमोदना एवं अभिनंदन के लिए भव्य समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर श्रीमती नंदा देवी पारख की 119 उपवास एवं श्रीमती किरण देवी संचेती की 98 उपवास की तपस्या अनवरत जारी है। दोनों तपस्वियों के त्याग, तप, संयम और दृढ़ संकल्प को नमन करते हुए बड़ी संख्या में उपस्थित श्रावक-श्राविकाओं ने भावपूर्ण अनुमोदना की।
कार्यक्रम नेपाल केसरी, मानव मिलन संस्थापक एवं राष्ट्र संत परम पूज्य श्री डॉ. मणिभद्र मुनि जी महाराज के पावन सानिध्य में संपन्न हुआ। उनके आध्यात्मिक सानिध्य ने समारोह को विशेष गरिमा प्रदान की। इस अवसर पर ओसवाल जैन पंचायत के सभी घटक दलों के सदस्यों की विशेष उपस्थिति रही।तप अनुमोदना एवं अभिनंदन समारोह का सुंदर संयोजन श्रमण संघ महिला मंडल द्वारा किया गया। महिला मंडल की सदस्यों ने भावपूर्ण भक्ति गीतों की प्रस्तुतियों से पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। भक्ति संगीत से गूंजते रतन भवन में उपस्थित श्रद्धालु तपस्वियों की साधना के प्रति अपनी श्रद्धा और अनुमोदना व्यक्त करते नजर आए।
छाजेड़ परिवार, पारख परिवार एवं लुनावत परिवार के आतिथ्य में श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रमण संघ दुर्ग द्वारा आयोजित इस समारोह में समाजजनों ने दोनों तपस्वियों के उत्तम स्वास्थ्य, आत्मकल्याण एवं तप आराधना की निरंतरता के लिए मंगलकामनाएं व्यक्त कीं।तपस्या जैन धर्म में आत्मशुद्धि, आत्मबल और संयम की महत्वपूर्ण साधना मानी जाती है।
119 एवं 98 उपवास की कठिन आराधना कर रहीं दोनों तपस्वियों का त्याग और संकल्प समाज के लिए प्रेरणास्रोत बना हुआ है।नवीन संचेतीप्रचार-प्रसार प्रमुख
