DSP-कारोबारी हाईप्रोफाइल केस: दीपक टंडन ने लिखा DGP-IG को पत्र, कहा, 5 साल थे संबंध, महादेव एप को लेकर रिश्ता बिगड़ा

DSP-कारोबारी हाईप्रोफाइल केस: दीपक टंडन ने लिखा DGP-IG को पत्र, कहा, 5 साल थे संबंध, महादेव एप को लेकर रिश्ता बिगड़ा

छत्तीसगढ़ के रायपुर निवासी कारोबारी दीपक टंडन ने डीजीपी अरुण गौतम और आईजी अमरेश मिश्रा को पत्र लिखकर DSP कल्पना वर्मा के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। टंडन ने आर्थिक शोषण, ब्लैकमेलिंग, पद के दुरुपयोग और महादेव सट्टा एप से जुड़ने का दबाव बनाने जैसे आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं DSP कल्पना वर्मा ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज किया है।

रायपुर 18 दिसंबर 2025। छत्तीसगढ़ पुलिस महकमे से जुड़ा एक हाई-प्रोफाइल मामला इन दिनों काफी चर्चा में है। राजधानी के गायत्री नगर निवासी और होटल व्यवसाय से जुड़े कारोबारी दीपक टंडन ने राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) अरुण गौतम और पुलिस महानिरीक्षक (IG) अमरेश मिश्रा को एक विस्तृत पत्र लिखकर DSP कल्पना वर्मा के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। कारोबारी ने मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

दीपक टंडन ने अपने पत्र में बताया है कि पिछले करीब पांच वर्षों से उनका संपर्क DSP कल्पना वर्मा से था। इस दौरान दोनों के बीच न केवल व्यक्तिगत बल्कि पारिवारिक स्तर पर भी करीबी संबंध रहे। टंडन का दावा है कि यह रिश्ता बाद में विवाद और तनाव का कारण बन गया। उन्होंने आरोप लगाया कि DSP कल्पना वर्मा ने धोखाधड़ी, आर्थिक शोषण और ब्लैकमेलिंग के जरिए उन्हें करीब दो करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान पहुंचाया।

कारोबारी का आरोप है कि DSP कल्पना वर्मा ने अपने सरकारी पद का दुरुपयोग करते हुए उनसे लगातार आर्थिक लाभ लिया। उन्होंने यह भी दावा किया कि कल्पना वर्मा अपने और अपने परिजनों, विशेषकर अपने पिता हेमंत वर्मा के बैंक खातों में नियमित रूप से लेन-देन कराती थीं। इन सभी वित्तीय ट्रांजैक्शन का विवरण उन्होंने शिकायत पत्र के साथ संलग्न किया है।दीपक टंडन ने एक और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि DSP कल्पना वर्मा ने उन पर दंतेवाड़ा में महादेव सट्टा एप से जुड़े एक पैनल को संचालित करने का दबाव बनाया था।

जब उन्होंने इस अवैध गतिविधि में शामिल होने से इनकार कर दिया, तो दोनों के बीच संबंध खराब हो गए और अंततः पूरी तरह खत्म हो गए। टंडन का दावा है कि इस संबंध में उनके पास मोबाइल चैट्स और अन्य डिजिटल साक्ष्य मौजूद हैं।पत्र में VIP रोड स्थित होटल एटमॉसफेरिया को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। टंडन के अनुसार, DSP कल्पना वर्मा, उनके पिता हेमंत वर्मा और भाई राकेश वर्मा ने साजिश के तहत इस होटल को गैर-कानूनी तरीके से अपने नाम पर रजिस्टर्ड करा लिया। जबकि होटल की खरीद-फरोख्त के लिए उन्होंने बैंक के माध्यम से RTGS द्वारा 30 लाख रुपये का भुगतान किया था।

इसके अलावा नगद और अन्य माध्यमों से भी लाखों रुपये के लेन-देन का जिक्र किया गया है।दीपक टंडन ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधों में खटास आने के बाद DSP कल्पना वर्मा ने उन्हें ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। उन्होंने पत्नी से तलाक लेने का दबाव, झूठे मामलों में जेल भेजने की धमकी और उनकी पत्नी के नाम से रजिस्टर्ड एक महंगी बाइक को जबरन अपने कब्जे में रखने जैसे आरोप लगाए हैं। टंडन का कहना है कि इन घटनाओं से उनका पूरा परिवार दहशत में है और उन्हें जान का खतरा महसूस हो रहा है।यह मामला तब और सुर्खियों में आया जब होटल में हुई मुलाकातों से जुड़े वीडियो और फुटेज सामने आए। टंडन ने अक्टूबर महीने में खम्हारडीह थाने में इस पूरे प्रकरण की शिकायत भी दर्ज कराई थी।

शुरुआत में पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठे, जिसके बाद टंडन मीडिया के सामने आए।वहीं, DSP कल्पना वर्मा ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि दीपक टंडन उन पर कोर्ट से केस वापस लेने का दबाव बना रहे थे।जब उन्होंने ऐसा करने से इनकार किया, तो उनके खिलाफ फर्जी चैट्स, तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किए गए।

वायरल वीडियो को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि वह केवल अपने बकाया पैसे लेने के लिए होटल गई थीं। DSP कल्पना वर्मा का कहना है कि वह पूरे मामले में कानून के तहत आगे की कार्रवाई कर रही हैं।

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