मिशन मोड में होगा छत्तीसगढ़ का स्वास्थ्य सुधार, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री नड्डा ने की उच्चस्तरीय समीक्षा
रायपुर, 30 दिसंबर। छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सशक्त व प्रभावी बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने ठोस पहल करते हुए प्रदेश की स्वास्थ्य स्थिति की उच्चस्तरीय समीक्षा की। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जे.पी. नड्डा ने समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए स्पष्ट कहा कि “टीबी मुक्त भारत” के लक्ष्य को मिशन मोड में समयबद्ध रूप से हासिल किया जाएगा और इसके लिए जनभागीदारी आधारित मॉडल को मजबूती से लागू किया जाएगा।
इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, स्वास्थ्य सचिव श्री अमित कटारिया, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन संचालक श्री रणबीर शर्मा सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।केंद्रीय मंत्री श्री नड्डा ने दवा विनियमन को सख्त करने, आधुनिक निदान सुविधाओं के विस्तार, टेलीमेडिसिन को बढ़ावा देने तथा रोगी-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष जोर दिया। उन्होंने बताया कि देशभर में स्वास्थ्य परामर्श अभियान शुरू किया गया है, जिससे औषधि प्रबंधन, जांच सेवाओं और जनस्वास्थ्य योजनाओं को नई गति मिलेगी।
बैठक में निर्देश दिए गए कि सभी रक्तकोष सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करें और उनकी नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए। नि:शुल्क औषधि एवं निदान योजना के अंतर्गत अधिक से अधिक लोगों को लाभ पहुंचाने, खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने तथा खाद्य एवं औषधि परीक्षण क्षमताओं को बढ़ाने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने पर भी जोर दिया गया।क्षय रोग उन्मूलन को लेकर श्री नड्डा ने कहा कि अधिक से अधिक निक्षय मित्र जोड़े जाएं ताकि टीबी मरीजों को पोषण एवं खाद्य सहायता मिल सके।
जोखिमग्रस्त आबादी में एक्स-रे आधारित जांच को तेज़ी से पूरा करने और सभी जिलों में डे-केयर कीमोथेरेपी सेवाएं शुरू कर कैंसर उपचार को सुदृढ़ करने के निर्देश भी दिए गए।मातृ मृत्यु दर (MMR), शिशु मृत्यु दर (IMR) और नवजात मृत्यु दर (NMR) में कमी लाने के लिए निगरानी तंत्र को मजबूत करने, गैर-संचारी रोगों की 100 प्रतिशत स्क्रीनिंग और कुष्ठ नियंत्रण के लिए प्रत्येक तिमाही सक्रिय रोगी खोज अभियान चलाने पर विशेष बल दिया गया।केंद्रीय मंत्री ने घोषणा की कि टीबी कार्यक्रम को सशक्त बनाने के लिए राज्यों को 146 हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनें उपलब्ध कराई जाएंगी।
वहीं प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आठ मेडिकल कॉलेजों के लिए पृथक अस्पताल स्थापित करने की मांग केंद्र के समक्ष रखी। श्री नड्डा ने छत्तीसगढ़ की प्रगति की सराहना करते हुए मानव संसाधन के क्षेत्र में केंद्र से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि सिंगल नोडल एजेंसी (SNA) प्रणाली ट्रस्ट मॉडल पर जारी रहेगी। ग्रामीण क्षेत्रों से खाद्य एवं औषधि नमूनों की जांच बढ़ाई जाएगी और खाद्य सुरक्षा क्षमता विस्तार के लिए राज्य आवश्यक स्थान उपलब्ध कराएंगे, जिस पर केंद्र वित्तीय सहायता देगा।
बैठक के समापन पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा,“केंद्र और राज्य की मजबूत साझेदारी ही स्वास्थ्य सुधारों की नींव है। हमारा उद्देश्य केवल योजनाएं चलाना नहीं, बल्कि अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाकर ठोस परिणाम हासिल करना है।
”यह समीक्षा बैठक छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य क्षेत्र को नई दिशा देने और तेज़ सुधारों की राह पर आगे बढ़ाने में अहम मील का पत्थर मानी जा रही है।
