महापुरुषों का जीवन समाज और राष्ट्र के लिए समर्पण का संदेश देता है : राष्ट्रसंत मणिभद्र

महापुरुषों का जीवन समाज और राष्ट्र के लिए समर्पण का संदेश देता है : राष्ट्रसंत मणिभद्र

मुनिपेड़ लगाए पानी बचाएं और पॉलिथीन का उपयोग न करें: प्रचारक राकेश जैनआचार्य सम्राट श्री आनंद ऋषि जी महाराज की 126 वीं जन्म जयंती एवं संघ संरक्षक श्री खुबचंद जी महाराज की दीक्षा जयंती पर विविध धार्मिक एवं सामाजिक आयोजन

दुर्ग। जय आनंद मधुकर रतन भवन, बांधा तालाब दुर्ग में आचार्य सम्राट श्री आनंद ऋषि जी महाराज की 126वीं जन्म जयंती एवं संघ संरक्षक श्री खुबचंद जी महाराज की दीक्षा जयंती हर्ष, उल्लास एवं श्रद्धा के वातावरण में मनाई गई। इस अवसर पर सामायिक, सामूहिक एकासना तप सहित विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।धर्मसभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रसंत मानव मिलन के संस्थापक श्री मणिभद्र मुनि जी महाराज ने कहा कि साधारण लोग जन्म लेते हैं और मृत्यु को प्राप्त हो जाते हैं, लेकिन जो व्यक्ति जीवन की चुनौतियों को स्वीकार करते हुए उसे पूर्ण समर्पण के साथ जीता है, वही कालांतर में महापुरुष बनता है।

महापुरुषों के जन्म, दीक्षा अथवा निर्माण से जुड़े स्थान तीर्थ के रूप में प्रतिष्ठित हो जाते हैं।उन्होंने कहा कि जन्म और मृत्यु के बीच मिले जीवन को हम किस प्रकार जीते हैं और किस उद्देश्य के लिए जीते हैं, यही जीवन की वास्तविक सार्थकता है। संघ, समाज और राष्ट्र के प्रति हमारा योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। जिन महापुरुषों का समाज और राष्ट्र के निर्माण में अतुलनीय योगदान होता है, उनके कार्यों को देश, संघ और समाज सदैव श्रद्धा और कृतज्ञता के साथ याद करता है।पर्यावरण संरक्षण के लिए पेड़ लगाएं, पानी बचाएं और पॉलिथीन का त्याग करेंआचार्य सम्राट श्री आनंद ऋषि जी महाराज की जन्म जयंती के प्रसंग पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के राष्ट्रीय प्रचारक एवं पर्यावरण संरक्षण प्रकोष्ठ के सह-संयोजक श्री राकेश जी जैन ने गुरु दर्शन कर धर्मसभा को संबोधित किया।

उन्होंने पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान समय में पानी, पेड़ और पॉलिथीन पर्यावरण संरक्षण के प्रमुख विषय हैं। उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि “पेड़ लगाएं, पानी बचाएं और पॉलिथीन का उपयोग न करें।”श्री जैन ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति अपने जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ अथवा परिवार के किसी विशेष अवसर को यादगार बनाने के लिए एक पौधा लगाए और केवल पौधा लगाकर ही अपनी जिम्मेदारी समाप्त न समझे, बल्कि उसकी नियमित देखरेख कर उसे वृक्ष बनने तक संरक्षित करे। उन्होंने कहा कि पानी का अनावश्यक उपयोग तथा पॉलिथीन का अत्यधिक दुरुपयोग पर्यावरण संरक्षण में बड़ी बाधा बनता जा रहा है।

इस दिशा में देश के प्रत्येक नागरिक को मिलकर सकारात्मक प्रयास करने की आवश्यकता है।इस अवसर पर श्री राकेश जी जैन का अभिनंदन भी किया गया।सामूहिक एकासना में श्रद्धालुओं ने लिया सहभागिताजन्म जयंती एवं दीक्षा जयंती के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सामायिक एवं सामूहिक एकासना तप में सहभागिता कर धर्म आराधना की। संपूर्ण आयोजन स्थल श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक उल्लास से सराबोर रहा।आज के एकासना के लाभार्थी राकेश कुमार एवं टीकम कुमार बाफना परिवार तथा प्रभावना के लाभार्थी प्रेमचंद एवं नमन कुमार चोरड़िया परिवार रहे।

लाभार्थी परिवारों के प्रति आयोजन समिति ने कृतज्ञता व्यक्त की।धार्मिक क्रिकेट प्रतियोगिता भी आकर्षण का केंद्रजन्म एवं दीक्षा जयंती के उपलक्ष्य में जय आनंद मधुकर रतन भवन में धार्मिक क्रिकेट मैच प्रतियोगिता का आयोजन भी किया जा रहा है। प्रतियोगिता का आयोजन श्री महावीर जी संचेती एवं श्रमण संघ महिला मंडल के मार्गदर्शन में किया जा रहा है, जिसमें धर्म और खेल के सुंदर समन्वय के साथ युवाओं एवं समाजजनों में उत्साह का वातावरण बना हुआ है।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं एवं समाजजनों ने उपस्थित होकर धार्मिक आयोजनों में सहभागिता की और आचार्य सम्राट श्री आनंद ऋषि जी महाराज एवं संघ संरक्षक श्री खुबचंद जी महाराज के जीवन, साधना एवं समाज के प्रति योगदान का स्मरण किया।नवीन संचेतीप्रचार-प्रसार प्रमुख

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

× How can I help you?