:पीएम राहत योजना: सड़क दुर्घटना के घायलों का इलाज सभी निजी अस्पतालों में होगा, कलेक्टर अभिजीत सिंह ने दिए निर्देश
दुर्ग। सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को समय पर बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से केंद्र सरकार की पीएम राहत योजना जिले में लागू की जा रही है। इस संबंध में कलेक्टर अभिजीत सिंह ने जिले के सभी निजी अस्पतालों को योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। अब सड़क हादसों में घायल मरीजों का उपचार निजी अस्पतालों में भी अनिवार्य रूप से किया जाएगा।योजना के तहत दुर्घटना में घायल मरीजों के दस्तावेज टीएमएस (ट्रॉमा मैनेजमेंट सिस्टम) पोर्टल पर अपलोड किए जाएंगे।
राज्य स्वास्थ्य एजेंसी (SHA) द्वारा सत्यापन के बाद कलेक्टर अभिजीत सिंह के निर्देश पर अस्पतालों को उपचार की राशि जारी की जाएगी। योजना के तहत दुर्घटना के बाद पहले 7 दिनों तक अथवा अधिकतम 1.50 लाख रुपये तक के उपचार का खर्च सरकार वहन करेगी।कलेक्टर अभिजीत सिंह ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि योजना का लाभ पात्र घायलों तक बिना किसी देरी के पहुंचे तथा किसी भी निजी अस्पताल द्वारा उपचार देने में लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटना के मामलों में “गोल्डन ऑवर” के दौरान त्वरित इलाज जीवन बचाने में सबसे महत्वपूर्ण होता है।
यदि दुर्घटना करने वाले वाहन की जानकारी तत्काल उपलब्ध नहीं होती है, तब भी प्राथमिक जांच के आधार पर अस्पतालों को भुगतान की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। बाद में पुलिस सत्यापन के उपरांत राशि जारी की जाएगी। इस योजना का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों को आर्थिक चिंता से मुक्त रखते हुए समय पर गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना है।
