नए शिक्षा सत्र में शिक्षा विभाग सख्त: डीईओ की ताबड़तोड़ दबिश, लापरवाही पर कार्रवाई; तीन शिक्षकों का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश
दुर्ग /नए शिक्षा सत्र की शुरुआत के साथ ही दुर्ग जिले में शिक्षा विभाग पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्रा के निर्देशन में सहायक संचालकों की टीम ने दुर्ग और पाटन विकासखंड के अनेक शासकीय स्कूलों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जहां कई स्कूलों में शिक्षकों की लापरवाही उजागर हुई, वहीं कई विद्यालयों में विद्यार्थियों की उत्कृष्ट तैयारी और शिक्षकों के बेहतर कार्य की सराहना भी की गई।
सबसे गंभीर मामला शासकीय प्राथमिक शाला डिपरापारा में सामने आया, जहां निरीक्षण के दौरान प्रधानपाठक हेलेश प्रभा लाकड़ा, सहायक शिक्षिका नीलोफर कुरैशी और सहायक शिक्षक अमित कुमार यादव बिना सूचना के अनुपस्थित पाए गए। मामले को गंभीर मानते हुए सहायक संचालक सीमा नायक ने तीनों शिक्षकों का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए।इसी तरह पाटन ब्लॉक के पूर्व माध्यमिक शाला पौहा में निरीक्षण टीम को अव्यवस्था देखने को मिली। विद्यालय परिसर में बच्चे इधर-उधर घूमते मिले, जबकि प्रधानपाठक सहित पूरा स्टाफ स्टाफ रूम में बैठकर बातचीत कर रहा था।
अधिकारियों ने इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए तत्काल शिक्षण व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए।सहायक संचालक समृद्धि जोशी ने शासकीय प्राथमिक शाला न्यू खुर्सीपार का निरीक्षण किया। यहां सर्वर डाउन होने के कारण पाठ्यपुस्तकों की स्कैनिंग प्रभावित मिली, हालांकि विद्यार्थियों को स्कूल ड्रेस का वितरण पूरा किया जा चुका था।कई स्कूलों में मिलीं गंभीर खामियांनिरीक्षण के दौरान सेलुद स्थित विद्यालय में सुबह 11:30 बजे तक सात शिक्षक, जिनमें व्याख्याता और लैब असिस्टेंट भी शामिल थे, उपस्थिति पंजी में हस्ताक्षर किए बिना पाए गए।
वहीं अछोटी भाठा स्कूल के प्रधानपाठक खेमलाल साहू सुबह 10 बजे तक विद्यालय नहीं पहुंचे थे। एक शिक्षिका ने भी केवल कागजी आवेदन देकर अवकाश लिया था, जिसकी प्रक्रिया पर अधिकारियों ने आपत्ति जताई।अच्छी व्यवस्थाओं की भी हुई सराहनानिरीक्षण के दौरान कई विद्यालयों की सकारात्मक तस्वीर भी सामने आई। अछोटी स्कूल में कक्षा दूसरी और पांचवीं के विद्यार्थियों ने अधिकारियों के सामने आत्मविश्वास के साथ 12 तक की खड़ी और पहाड़े सुनाए।
बच्चों की तैयारी से अधिकारी काफी प्रभावित हुए और शिक्षकों की मेहनत की प्रशंसा की। विद्यालय परिसर की साफ-सफाई और अनुशासन की भी सराहना की गई।डीईओ ने दिए सख्त निर्देशजिला शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्रा ने स्पष्ट कहा कि नए शिक्षा सत्र में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी विद्यालयों को निर्देशित किया कि विद्यार्थियों के टाइम-टेबल में प्रायोगिक गतिविधियों को शामिल किया जाए, स्कूलों में नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित हो, शुद्ध पेयजल उपलब्ध रहे तथा निर्धारित मेन्यू के अनुसार मध्यान्ह भोजन परोसा जाए।
उन्होंने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए नियमित निरीक्षण जारी रहेंगे और लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। नए शिक्षा सत्र में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
