प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने किया दुर्ग केंद्रीय जेल का निरीक्षण – बंदियों की समस्याएं सुनीं, दी महत्वपूर्ण निर्देश
दुर्ग – प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जिला दुर्ग (छ.ग.) ने शनिवार को मुख्यालय स्थित केंद्रीय जेल दुर्ग का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने महिला प्रकोष्ठ में निरुद्ध महिला बंदियों से उनके प्रकरण की स्थिति, स्वास्थ्य सेवाओं, भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई एवं स्वच्छता व्यवस्था की जानकारी ली।जेल अस्पताल में बीमार बंदियों से व्यक्तिगत चर्चा कर उनकी आवश्यकताओं से अवगत हुए तथा कम्प्यूटर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे बंदियों से संवाद कर उनके प्रकरण की जानकारी प्राप्त की।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने जेल में बंदियों द्वारा तैयार किए जा रहे एलईडी बल्ब, अचार, फर्नीचर एवं अन्य उत्पादों के प्रचार हेतु जिला न्यायालय परिसर में बोर्ड लगाने के निर्देश दिए।सजायाफ्ता बंदियों के अपील संबंधी प्रकरणों को अद्यतन करने तथा उनकी वर्तमान स्थिति से अवगत कराने के निर्देश भी जेल प्रशासन को दिए गए। नव आगंतुक बंदियों को प्रकरण संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने और जो बंदी निजी अधिवक्ता नियुक्त नहीं कर सकते, उन्हें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निःशुल्क विधिक सहायता दिलाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने स्पष्ट निर्देश दिए कि बंदियों को स्वच्छ वातावरण, पौष्टिक भोजन, नियमित स्वास्थ्य जांच एवं शिक्षा के अवसर जैसी सभी मौलिक सुविधाएं सतत रूप से उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही ऐसे बंदियों के मामलों को प्राथमिकता देने को कहा जिन्हें परिहार का लाभ मिल सकता है।निरीक्षण के दौरान सप्तम जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग के सचिव, जेल अधीक्षक, विधि अधिकारी, प्रभारी उप जेल अधीक्षक, महिला प्रकोष्ठ प्रभारी, एलएडीसीएस कौंसिल सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
