सड़क हादसों पर सख्ती : मुख्य सचिव श्री विकासशील ने दिए ठोस कार्रवाई के निर्देश
रायपुर, 25 मई 2026। प्रदेश में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मंत्रालय में आयोजित सड़क सुरक्षा समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव विकासशील ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़क हादसों की रोकथाम के लिए हर जरूरी कदम तत्काल उठाए जाएं और सभी विभाग आपसी समन्वय से प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें।
ब्लैक स्पॉट की होगी नियमित मॉनिटरिंग मुख्य सचिव ने दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट्स की लगातार मॉनिटरिंग करने और वहां सुधार कार्य तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग एवं लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से कहा कि सड़क मरम्मत, संकेतक, सुरक्षा बैरियर और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं को प्राथमिकता दी जाए ताकि हादसों की आशंका कम हो सके।सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के पालन पर जोरबैठक में सड़क सुरक्षा कोष, सुप्रीम कोर्ट की कमेटी ऑन रोड सेफ्टी के दिशा-निर्देशों तथा फलोदी और रंगा रेड्डी सड़क दुर्घटना मामलों में दिए गए निर्देशों की समीक्षा की गई।
मुख्य सचिव ने कहा कि केंद्र और सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी सभी निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाए।प्रदेश में 150 स्थानों पर ईवी चार्जिंग स्टेशनपीएम ई-ड्राइव योजना के अंतर्गत प्रदेश में ई-वाहनों को बढ़ावा देने के लिए अब तक 150 स्थानों पर ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा चुके हैं। मुख्य सचिव ने परिवहन विभाग को निर्देश दिए कि निर्धारित स्थलों पर जल्द से जल्द नए चार्जिंग स्टेशन शुरू किए जाएं। अधिकारियों ने बताया कि इन स्टेशनों पर केंद्र सरकार की योजना के तहत सब्सिडी भी उपलब्ध कराई जा रही है।
सड़क दुर्घटना घायलों को मिलेगा कैशलेस इलाजबैठक में प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को कैशलेस उपचार उपलब्ध कराने की व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने जानकारी दी कि अब तक 282 सड़क दुर्घटना मामलों में घायलों के उपचार हेतु पंजीकरण किया गया है। मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य, पुलिस, परिवहन और जिला प्रशासन को समन्वय के साथ संवेदनशीलता से कार्य करने के निर्देश दिए।
वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूदबैठक में परिवहन विभाग के सचिव एवं आयुक्त एस. प्रकाश, नगरीय प्रशासन विभाग की सचिव आर. शंगीता सहित पुलिस, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, लोक निर्माण विभाग और अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित
