शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 35 लाख की धोखाधड़ी—सुपेला पुलिस ने तीन आरोपी दबोचे, 13 लाख की कार जब्त
दुर्ग। थाना सुपेला पुलिस ने निवेश पर भारी मुनाफा देने का झांसा देकर 35 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने प्रकरण में शामिल 03 आरोपियों—चंदन राव, देवेन्द्र कुमार सहारे और विवान सिंघानिया उर्फ सूर्यकांत निर्मलकर को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। आरोपियों के कब्जे से धोखाधड़ी की रकम से खरीदी गई लगभग 13 लाख रुपये की कार भी जब्त की गई है। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने निशा बिजनेस कंसल्टेंसी एवं यूनिक इन्वेस्टमेंट सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से शेयर ट्रेडिंग के नाम पर प्रतिमाह 10 से 15 प्रतिशत तक मुनाफा देने का दावा किया था।
इसी प्रलोभन में आकर प्रार्थी अविनाश कुमार, उसकी बहन कु. सोनम वर्मा, रिश्तेदार तुलाराम चंद्राकर, संदीप चंद्राकर और दोस्त अक्षत पाठक ने जून से अगस्त 2025 के बीच कुल 35 लाख रुपये निवेश किए थे।लेकिन न तो लाभ दिया गया और न ही मूलधन लौटाया गया। शिकायत पर थाना सुपेला में अपराध क्रमांक 1372/2025, धारा 318(2), 318(4), 61(2) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज किया गया।
गौरतलब है कि इस धोखाधड़ी में शामिल मुख्य आरोपी स्नेहांशु नामदेव, उसकी पत्नी डॉली नामदेव और निशा मानिकपुरी पहले से ही 75,05,000 रुपये की धोखाधड़ी के अन्य मामले में जेल में निरुद्ध हैं।पूरी कार्यवाही में निरीक्षक विजय कुमार यादव, उपनिरीक्षक दीपक चौहान, चितराम ठाकुर, सउनि संतोष मिश्रा, गंगाराम यादव, प्रआर अमर सिंह, योगेश चंद्राकर, आर. सूर्यप्रताप सिंह, अजीत यादव एवं प्रदीप सिंह का विशेष योगदान रहा।सुपेला पुलिस की इस कार्रवाई से निवेश के नाम पर लोगों को ठगने वाले गिरोहों पर एक बड़ी चोट मानी जा रही है।
