पोथी यात्रा के साथ देवी माहात्म्य कथा का शुभारंभ, गंजपारा में भक्तिमय हुआ माहौल
दुर्ग। धर्मनगरी दुर्ग में गंजपारा स्थित भगवान श्रीकृष्ण द्वारकाधीश जी के अवतार बाबा रामदेव जी का जन्मोत्सव 12 से 22 सितंबर 2026 तक धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस अवसर पर बाबा रामदेव मंदिर समिति द्वारा 10 दिनों तक विभिन्न धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
इसी क्रम में 13 से 19 सितंबर तक प्रसिद्ध कथा वाचक गोवत्स पंडित श्री राजीव कृष्ण महाराज, पुलिया महाराष्ट्र के श्रीमुख से श्री देवी माहात्म्य कथा का आयोजन किया जा रहा है।कथा के शुभारंभ से पूर्व रविवार शाम 6 बजे गंजपारा स्थित श्री सत्तीचौरा मां दुर्गा मंदिर से देवी भागवत की पोथी यात्रा एवं शोभायात्रा निकाली गई। मंदिर समिति के सदस्यों ने कथा वाचक गोवत्स पंडित श्री राजीव कृष्ण महाराज का स्वागत किया।
इसके पश्चात महाराज ने माता दुर्गा एवं देवी भागवत की पोथी का विधिवत पूजन-अर्चन किया।पूजन के बाद बाजे-गाजे और संकीर्तन के साथ पोथी यात्रा गंजपारा के प्रमुख मार्गों से होते हुए बाबा रामदेव मंदिर पहुंची। यहां आयोजकों द्वारा शोभायात्रा का स्वागत किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। आयोजन में उपस्थित धर्मप्रेमियों को प्रसाद स्वरूप स्वल्पाहार का वितरण किया गया।
पोथी यात्रा के पश्चात देवी माहात्म्य कथा के प्रथम दिवस कथा वाचक राजीव कृष्ण महाराज ने देवी माहात्म्य एवं प्रथम स्कंध का वर्णन किया। व्यास पीठ का पूजन एवं वंदना करते हुए उन्होंने श्रीमद् देवीभागवत महापुराण की महिमा बताई।महाराज ने बताया कि प्रथम स्कंध में सूत जी और शौनक आदि ऋषियों के संवाद से कथा का प्रारंभ होता है। इसमें भगवती महाशक्ति की महिमा, श्रीकृष्ण के गुण एवं नाम की महिमा तथा पुराणों के महत्व का वर्णन किया गया है।
उन्होंने कहा कि श्रीमद् देवीभागवत महापुराण सभी पुराणों में अत्यंत पावन एवं उत्तम है, जिसमें मां जगदंबा की महिमा का विस्तृत वर्णन मिलता है।कथा के दौरान उन्होंने देवी भागवत के सारस्वरूप मंत्र—“ॐ सर्वचैतन्यरूपां तामाद्यां विद्यां च धीमहि।बुद्धिं या नः प्रचोदयात्॥”का अर्थ बताते हुए कहा कि भगवती जगदंबिका समस्त चेतना की स्वरूपा, आदि एवं ब्रह्मविद्या स्वरूपा हैं। हम उनका ध्यान करते हैं। माता भगवती हमारी बुद्धि को सन्मार्ग की ओर प्रेरित करें और उसे पवित्र एवं तीव्र बनाएं।
कार्यक्रम में बाबा रामदेव मंदिर समिति के अध्यक्ष पंकज राठी, कथा के मुख्य यजमान पंकज पुरुषोत्तम गांधी, विट्ठलदास भूतड़ा, ओमप्रकाश टावरी, छगन चांडक, माहेश्वरी समाज अध्यक्ष अशोक राठी, सुरेंद्र राठी, मनोज टावरी, महेंद्र गांधी, मनोज भूतड़ा, गोपाल राठी, प्रवीण भूतड़ा, गोलू राठी, दिनेश टावरी, आलोक चांडक, नंदू चांडक, रामावतार राठी, अजय शर्मा, सुरेश गुप्ता, राजेश शर्मा, मनोज गुप्ता, ललित शर्मा, दिनेश शर्मा, राहुल शर्मा, सुजल शर्मा, मनीष सेन, सोनल सेन, शरद भूतड़ा सहित बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष श्रद्धालु उपस्थित रहे।
