सेवानिवृत्ति के दिन ही कर्मचारियों को मिले PPO और पेंशन संबंधी दस्तावेज : भानु प्रताप यादव
वित्त विभाग के 13 अक्टूबर 2026 के निर्देशों का प्रभावी पालन कराने कलेक्टर दुर्ग के माध्यम से संचालक पेंशन एवं भविष्य निधि को सौंपा ज्ञापन, छह माह पूर्व पेंशन प्रकरण प्रस्तुत करने और DDO की जवाबदेही तय करने की मांगदुर्ग। सेवानिवृत्त होने वाले शासकीय कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के दिन ही पेंशन भुगतान आदेश (PPO), पेंशन स्वीकृति आदेश एवं अन्य पेंशन संबंधी दस्तावेज उपलब्ध कराने की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ ने पहल की है।
संघ के जिलाध्यक्ष दुर्ग एवं छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के मीडिया प्रभारी भानु प्रताप यादव ने इस संबंध में संचालक, पेंशन एवं भविष्य निधि, छत्तीसगढ़ शासन रायपुर के नाम कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी दुर्ग के माध्यम से ज्ञापन सौंपा है।भानु प्रताप यादव ने बताया कि वित्त विभाग द्वारा 13 अक्टूबर 2026 को जारी निर्देशों में पेंशन प्रकरणों के त्वरित निराकरण तथा सेवानिवृत्ति परिलाभों का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। वहीं मुख्य सचिव की अध्यक्षता में 11 सितंबर 2026 को आयोजित बैठक में आगामी 3 माह, 6 माह एवं 2 वर्ष में सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के पेंशन प्रकरणों की अग्रिम तैयारी कर सेवानिवृत्ति की तिथि पर ही PPO जारी करने के निर्देश दिए गए थे।
उन्होंने कहा कि शासन द्वारा वित्त निर्देश क्रमांक 28/2018 के माध्यम से भी पेंशन प्रकरणों के निराकरण के लिए समय-सीमा निर्धारित की गई है। इसके अलावा ऑनलाइन पेंशन मैनेजमेंट सिस्टम ‘आभार आपकी सेवाओं का’ के माध्यम से पेंशन प्रकरणों की निगरानी एवं समीक्षा की व्यवस्था है। इसके बावजूद सेवा पुस्तिका सत्यापन, वेतन निर्धारण और अन्य विभागीय औपचारिकताओं में देरी के कारण कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन एवं अन्य स्वत्वों के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
संघ ने मांग की है कि आगामी 12 माह में सेवानिवृत्त होने वाले सभी शासकीय कर्मचारियों की विभागवार सूची तैयार कर संबंधित विभाग प्रमुखों एवं आहरण-संवितरण अधिकारियों (DDO) को समय-सीमा में पेंशन प्रकरण तैयार करने के निर्देश दिए जाएं। नियमानुसार सेवानिवृत्ति से कम से कम छह माह पूर्व पेंशन प्रकरण पेंशन कार्यालय को प्रस्तुत करना सुनिश्चित किया जाए।ज्ञापन में आभार पोर्टल के माध्यम से पेंशन प्रकरणों की ऑनलाइन निगरानी, प्रत्येक विभाग में नोडल अधिकारी की नियुक्ति, लंबित प्रकरणों की मासिक समीक्षा तथा अनावश्यक विलंब करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग भी की गई है।
आगामी छह माह में सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिए विशेष अभियान चलाने का आग्रह किया गया है।भानु प्रताप यादव ने कहा कि शासकीय कर्मचारी अपने जीवन के 30 से 40 वर्ष शासन की सेवा में समर्पित करता है। ऐसे में सेवानिवृत्ति के बाद उसे अपनी पेंशन और अन्य स्वत्वों के लिए भटकना पड़े, यह उचित नहीं है। पेंशन कर्मचारी की आर्थिक सुरक्षा का महत्वपूर्ण आधार है और इसके भुगतान में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए।उन्होंने संचालक पेंशन एवं भविष्य निधि से वित्त विभाग के निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कराने तथा समस्त विभागाध्यक्षों, कार्यालय प्रमुखों एवं DDO को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है। साथ ही इस संबंध में की गई कार्रवाई से मान्यता प्राप्त कर्मचारी संघ को लिखित रूप से अवगत कराने का आग्रह किया है।
उन्होंने कहा कि कर्मचारी की सेवानिवृत्ति का दिन उसके सम्मान, अधिकार और आर्थिक सुरक्षा का दिन होना चाहिए। शासन ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करे कि प्रत्येक कर्मचारी को सेवानिवृत्ति के दिन ही PPO, पेंशन स्वीकृति आदेश एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध हो सकें।
