विधानसभा में शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव के सटीक जवाब, जंबूरी खर्च और वोकेशनल कोर्स पर विपक्ष को दिया तथ्यात्मक जवाब
दुर्ग, 10 मार्च 2026।छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के आठवें दिन प्रश्नकाल के दौरान स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों का तथ्यात्मक और विस्तारपूर्वक जवाब दिया। शिक्षा विभाग से जुड़े विभिन्न मुद्दों और स्काउट-गाइड के जंबूरी कैम्प से संबंधित प्रश्नों पर मंत्री ने सदन में स्पष्ट जानकारी प्रस्तुत की।मंत्री बनने के बाद पहली बार प्रश्नकाल में जवाब देते हुए गजेन्द्र यादव ने विभागीय कार्यों से जुड़े आंकड़े और तथ्य सदन के सामने रखे। उनके जवाबों की स्पष्टता और प्रभावशीलता को देखते हुए विपक्ष के सदस्यों ने भी उनकी सराहना की।
प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस के खरसिया विधायक उमेश पटेल ने बालोद जिले के दूधली में आयोजित स्काउट-गाइड रोवर-रेंजर जंबूरी कार्यक्रम में हुए खर्च का विवरण मांगा। उन्होंने पूछा कि कार्यक्रम में विभिन्न कार्यों के लिए कितना खर्च किया गया, किन फर्मों को टेंडर दिया गया और क्या शर्तें तय करने के लिए समिति बनाई गई थी। साथ ही यह भी सवाल उठाया कि क्या किसी फर्म को लाभ पहुंचाने के लिए टेंडर में बदलाव की शिकायत मिली है।इस पर मंत्री गजेन्द्र यादव ने बताया कि बालोद जिले में आयोजित रोवर-रेंजर जंबूरी कार्यक्रम में क्रीड़ांगन (एरीना) निर्माण, शौचालय, जल एवं प्रकाश व्यवस्था, ध्वनि व्यवस्था, टेंट, कार्यक्रम डोम, बैरिकेडिंग, भोजनालय और प्रिंटिंग जैसे कार्यों के लिए करीब 2 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि जंबूरी कार्य के लिए मेसर्स अमर भारत किराया भंडार, रायपुर को 5 करोड़ 18 लाख 88 हजार 860 रुपये का टेंडर दिया गया था। टेंडर की शर्तें तय करने के लिए समिति का गठन किया गया था और किसी फर्म को लाभ पहुंचाने के लिए टेंडर बदलने की कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।वहीं अहिवारा विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा ने प्रदेश के स्कूलों में वोकेशनल कोर्स की सामग्री खरीदी के लिए जारी राशि का जिलेवार ब्यौरा मांगा। इसके जवाब में मंत्री गजेन्द्र यादव ने बताया कि सत्र 2024-25 में स्कूलों को वोकेशनल कोर्स की सामग्री खरीदी के लिए कोई राशि जारी नहीं की गई थी।
जबकि सत्र 2025-26 में 1285 स्कूलों को प्रति विद्यालय 2-2 लाख रुपये की आहरण सीमा ऑफिस एक्सपेंसेस/कॉन्टिजेंसी मद से दी गई है।मंत्री ने यह भी बताया कि स्कूलों द्वारा भंडार क्रय नियमों का पालन नहीं करने या बाजार मूल्य से अधिक कीमत पर सामग्री खरीदी करने की शिकायतें स्थानीय समाचार पत्रों में प्रकाशित हुई थीं। इसे ध्यान में रखते हुए राज्य स्तर पर 6 सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है और फिलहाल जांच प्रक्रिया जारी है।
उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए प्रतिबद्ध है तथा सभी मामलों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जा रही है।
