विधानसभा में गूंजा अलसी खेती का मुद्दा, विधायक उमेश पटेल ने बीज रिजेक्शन पर उठाए सवाल
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में अलसी खेती और बीज वितरण को लेकर मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। विधायक Umesh Patel ने किसानों के बीज रिजेक्ट किए जाने और उत्पादन में कमी को लेकर सरकार से जवाब मांगा।विधायक उमेश पटेल ने प्रश्नकाल के दौरान कहा कि रायगढ़ जिले में अलसी बीज वितरण के दौरान करीब 85 प्रतिशत किसानों के रकबे को रिजेक्ट कर दिया गया। उन्होंने सरकार से पूछा कि इतनी बड़ी संख्या में किसानों के रकबे को अस्वीकार किए जाने का क्या कारण रहा।इस पर कृषि मंत्री Ramvichar Netam ने जवाब देते हुए कहा कि जिन क्षेत्रों में किसानों को बीज दिया गया था, वहां किसानों को पर्याप्त प्रशिक्षण नहीं दिया गया था।
इसके कारण अपेक्षित उत्पादन नहीं हो सका।विधायक उमेश पटेल ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब किसानों को प्रशिक्षण ही नहीं दिया गया तो इसके लिए कौन से अधिकारी जिम्मेदार हैं और उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी।इस पर मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि भविष्य में किसानों को बेहतर प्रशिक्षण देकर अच्छा बीज उत्पादन सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही जिन अधिकारियों ने लापरवाही बरती है, उनकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी।विधायक उमेश पटेल ने किसानों की फसल की ग्रेडिंग का मुद्दा भी उठाया और बताया कि करीब 186 क्विंटल बीज को रिजेक्ट कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि इस मामले में विभाग के एमडी पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।इस दौरान नेता प्रतिपक्ष ने भी मुद्दा उठाते हुए कहा कि अलसी के डंठल से कपड़े बनाए जाते हैं, ऐसे में यह किसानों की आय से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है।
मंत्री रामविचार नेताम ने आश्वासन दिया कि इस पूरे मामले की सक्षम अधिकारी से जांच कराई जाएगी और भविष्य में अलसी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए बेहतर नीति तैयार की जाएगी।
