22 हजार 466 करोड़ के शिक्षा बजट से बदलेगी छत्तीसगढ़ की पढ़ाई की तस्वीर, 5000 शिक्षकों की होगी भर्ती
रायपुर, 13 मार्च 2026।छत्तीसगढ़ सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए स्कूल शिक्षा विभाग के लिए 22 हजार 466 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है। विधानसभा में बजट भाषण के दौरान स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि यह बजट राज्य की शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, समावेशी और गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य हर बच्चे को बेहतर शिक्षा और अवसर उपलब्ध कराना है।मंत्री ने बताया कि केंद्र की पीएम श्री योजना के तहत स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा।
इसके लिए बजट में 250 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इन स्कूलों में ग्रीन स्कूल, स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी, आधुनिक प्रयोगशालाएं, खेल सुविधाएं और कैरियर काउंसिलिंग जैसी व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी।ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए राज्य में 150 स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालय स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे ब्लॉक स्तर पर ग्रामीण विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा सुविधाएं मिल सकेंगी।वहीं बस्तर संभाग के दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा के विस्तार के लिए ओरछा (अबुझमाड़), नारायणपुर और जगरगुंडा (सुकमा) में एजुकेशन सिटी स्थापित करने की योजना है।
इसके लिए 9 करोड़ 50 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।स्कूलों की अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए 105 करोड़ 20 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके तहत 500 प्राथमिक, 100 पूर्व माध्यमिक, 50 हाई स्कूल और 50 हायर सेकेंडरी स्कूलों के नए भवन बनाए जाएंगे और पुराने भवनों का रखरखाव किया जाएगा। इसके अलावा नवा रायपुर में शिक्षा विभाग का आधुनिक प्रशासनिक कॉम्पोजिट भवन भी बनाया जाएगा, जिसके लिए 5 करोड़ 90 लाख रुपये का प्रावधान रखा गया है।मंत्री यादव ने बताया कि स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए 5000 शिक्षकीय पदों पर सीधी भर्ती की जाएगी और 4000 से अधिक पदों पर पदोन्नति की प्रक्रिया भी शुरू होगी।
भर्ती परीक्षा अक्टूबर-नवंबर 2026 में आयोजित की जाएगी।छात्रों के पोषण को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के लिए 700 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके तहत राज्य के शासकीय, अनुदान प्राप्त स्कूलों और पंजीकृत मदरसों के लगभग 30 लाख बच्चों को मध्यान्ह भोजन मिलेगा।डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विद्या समीक्षा केंद्र और एचआरएमआईएस पोर्टल के माध्यम से करीब 1 लाख 80 हजार शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज की जा रही है। साथ ही छात्रों की डिजिटल मार्कशीट और ट्रांसफर सर्टिफिकेट भी ऑनलाइन उपलब्ध कराने की योजना है।
पीएम ई-विद्या कार्यक्रम के तहत डीटीएच चैनलों के माध्यम से कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों को विषयवार पढ़ाई की सुविधा दी जा रही है।इसके अलावा स्कूलों में स्मार्ट क्लास, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पढ़ाई, योग, एनसीसी, एनएसएस, स्काउट-गाइड और रेडक्रॉस जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। विद्यार्थियों के लिए खेलकूद को भी प्रतिदिन अंतिम पीरियड में अनिवार्य करने की योजना है।
सरकार ने स्वामी आत्मानंद शासकीय विद्यालयों के लिए 800 करोड़ रुपये, आरटीई शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए 300 करोड़ रुपये, छात्रवृत्ति योजना के लिए 236 करोड़ 50 लाख रुपये, निःशुल्क गणवेश के लिए 55 करोड़ रुपये, निःशुल्क पाठ्यपुस्तक वितरण के लिए 50 करोड़ रुपये और सरस्वती निःशुल्क साइकिल योजना के लिए 66 करोड़ रुपये का भी प्रावधान किया है।
