दुर्गम पहाड़-जंगल पार कर कलेक्टर पहुंचे पुरंगेल, ग्रामीणों से बोले—अब बदलेगी सुदूर गांवों की तकदीर
दंतेवाड़ा /घने जंगलों और ऊबड़-खाबड़ रास्तों के बीच बसे दंतेवाड़ा जिले के सुदूर गांवों में विकास की नई उम्मीद जगी है। जिला कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव प्रशासनिक टीम के साथ किरंदुल से हिरोली होते हुए जिले के सबसे दुर्गम गांवों में शामिल पुरंगेल, बड़ेपल्ली और बेंगपाल का दौरा करने पहुंचे।कलेक्टर और उनकी टीम पगडंडियों व घने जंगलों से गुजरते हुए बाइक से गांव तक पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारियों को अपने बीच देखकर ग्रामीणों के चेहरे खिल उठे।
दौरे के दौरान कलेक्टर ने ग्रामीणों के साथ बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं और भरोसा दिलाया कि अब इन सुदूर गांवों की तस्वीर बदलेगी।कलेक्टर ने मौके पर ही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अधिकारियों को पुरंगेल तक सड़क निर्माण का प्राक्कलन तैयार कर जल्द निर्माण शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क बनने से गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास के रास्ते खुलेंगे।उन्होंने यह भी घोषणा की कि सड़क निर्माण के बाद यहां आंगनबाड़ी और सर्वसुविधायुक्त स्कूल भवन की स्वीकृति दी जाएगी। वहीं पेयजल की समस्या को दूर करने के लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को कुआं, नलकूप और हैंडपंप की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए।
ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए उन्हें बकरी और सूअर पालन जैसी आजीविका गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। साथ ही राशन आपूर्ति की समस्या को देखते हुए इन गांवों में ऑफलाइन सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से राशन उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की जाएगी।कलेक्टर ने बताया कि किरंदुल में विशेष शिविर लगाकर ग्रामीणों के बैंक खाते, आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड और जॉब कार्ड बनाए जाएंगे। स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास विभाग की टीमें हर 15 दिन में गांवों में स्वास्थ्य शिविर आयोजित करेंगी।
इसके अलावा ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए फलदार पौधों का वितरण किया जाएगा तथा बुजुर्गों को समाज कल्याण विभाग की ओर से आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
इस दौरान जिला पंचायत सीईओ जयंत नाहटा, डीएफओ रामाकृष्णा रंगनाथ वाय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
