जंगल में साजिशन आग, चार पेड़ों पर कुल्हाड़ी — वन संपदा पर बड़ा हमला!

वनांचल में मचा हड़कंप, बांस-तेंदूपत्ता समेत नई पौध भी राख
कबीरधाम/ सुदूर वनांचल क्षेत्र नेउर, कांदा बानी और रुखमीददर के जंगलों में इन दिनों अवैध गतिविधियों ने खतरनाक रूप ले लिया है। असामाजिक तत्व न केवल चार पेड़ों की अंधाधुंध कटाई कर रहे हैं, बल्कि सबूत मिटाने और चोरी को आसान बनाने के लिए जंगल में आग भी लगा रहे हैं।जानकारी के मुताबिक, ग्रामीण अपनी आजीविका से जुड़े चार पेड़ों की सुरक्षा में लगे रहते हैं, क्योंकि मई माह में इसका बीज पूरी तरह पककर आय का प्रमुख साधन बनता है।
लेकिन इससे पहले ही मोटरसाइकिल सवार लोग जंगल में घुसकर कुल्हाड़ी से पेड़ों को काट रहे हैं।स्थिति तब और गंभीर हो गई जब अधपके बीजों के बावजूद चोरी की होड़ मच गई है। चार पेड़ों के घने पत्तों की आड़ का फायदा उठाकर आगजनी की घटनाएं की जा रही हैं, जिससे बांस, तेंदूपत्ता और छोटे-छोटे अंकुरित पौधे जलकर खाक हो गए हैं।
वन संपदा के साथ ग्रामीणों की रोजी-रोटी पर खतराइस आगजनी और कटाई से न सिर्फ जंगल उजड़ रहे हैं, बल्कि ग्रामीणों की आजीविका पर भी गहरा संकट मंडरा रहा है।
वन विभाग अलर्ट मोड परग्रामीणों की शिकायत के बाद वन विभाग हरकत में आया है। रेंजर पल्लवी ने मामले को गंभीर बताते हुए तत्काल टीम भेजकर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
समय रहते रोक नहीं लगी तो हालात होंगे भयावह अगर जल्द सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो यह हरियाली का इलाका बंजर बनने में देर नहीं लगेगी और ग्रामीणों का जीवन भी संकट में पड़ जाएगा।
