जल संरक्षण पर नवाचार की मिसाल: 300 ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं का व्यापक आयोजन

जल संरक्षण पर नवाचार की मिसाल: 300 ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं का व्यापक आयोजन

दुर्ग, 24 अप्रैल। राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर जिले की सभी 300 ग्राम पंचायतों एवं उनके आश्रित ग्रामों में विशेष ग्राम सभाओं का सफल आयोजन किया गया। इन सभाओं में जल संरक्षण, ग्रामीण आत्मनिर्भरता और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर व्यापक संवाद हुआ, जिसमें ग्रामीणों की उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिली।मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत दुर्ग बजरंग कुमार दुबे के निर्देशानुसार विभिन्न विभागों के अधिकारी ग्राम सभाओं में अनिवार्य रूप से शामिल हुए।

इससे योजनाओं की जानकारी सीधे ग्रामीणों तक पहुंची और संवाद अधिक प्रभावी बना।ग्राम सभाओं में ‘नवा तरिया आय के जरिया’, ‘मोर गांव मोर पानी’ महाअभियान, जनगणना, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) तथा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। ग्रामीणों को ‘संपदा’ ऐप के माध्यम से पंचायत परिसंपत्तियों के डिजिटलीकरण, आजीविका संवर्धन और जल संरक्षण के उपायों के प्रति जागरूक किया गया।

कलेक्टर अभिजीत सिंह द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप ग्राम सभाओं में जनप्रतिनिधियों एवं सम्मानित नागरिकों की सक्रिय उपस्थिति रही। शासन की योजनाओं की जानकारी साझा कर ग्रामीणों को उनका लाभ उठाने हेतु प्रेरित किया गया।सीईओ श्री दुबे ने बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत ‘लखपति दीदी’ एवं उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों का सम्मान भी किया गया। साथ ही जल संरक्षण एवं रोजगार सृजन के लिए ग्रामीणों से सुझाव लेकर उन्हें योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया गया।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में संचालित “मोर गांव मोर पानी महाअभियान” के तहत एक अभिनव पहल करते हुए पंचायत भवनों की दीवारों पर गांव के भू-जल स्तर की जानकारी प्रदर्शित की जा रही है।

‘जल-दूत’ मोबाइल ऐप के माध्यम से जलस्तर के आंकड़े संकलित कर पोर्टल पर अपलोड किए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीणों में जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन एवं भू-जल पुनर्भरण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।ग्राम पंचायत रसमड़ा में आयोजित ग्राम सभा में भी सरपंच, जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी रही, जो ग्रामीण लोकतंत्र की सशक्त तस्वीर प्रस्तुत करती है।उल्लेखनीय है कि 73वां संविधान संशोधन के तहत पंचायती राज व्यवस्था को संवैधानिक दर्जा प्राप्त है।

इस अवसर पर जिले के नागरिकों से अपील की गई कि वे ग्राम सभाओं में अधिक से अधिक भागीदारी निभाकर अपने गांव के विकास में सक्रिय योगदान दें।

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