जिले में विकसित भारत गारंटी रोजगार एवं आजीविका मिशन का शुभारंभ

जिले में विकसित भारत गारंटी रोजगार एवं आजीविका मिशन का शुभारंभ

ग्रामीण परिवारों को अब 125 दिनों का गारंटीशुदा रोजगार, मजदूरी दर बढ़कर 300 रुपये प्रतिदिन

दुर्ग, 2 जुलाई 2026/ जिला पंचायत सभा कक्ष, दुर्ग में आज विकसित भारत गारंटी रोजगार एवं आजीविका मिशन (जी-रामजी) के शुभारंभ के अवसर पर जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ तिरुपति (आंध्र प्रदेश) से केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा वर्चुअल माध्यम से किए गए राष्ट्रीय शुभारंभ के साथ हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सांसद श्री विजय बघेल तथा विधायक श्री ललित चंद्राकर उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती बंजारे ने की। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत दुर्ग श्री बजरंग कुमार दुबे, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री पवन शर्मा, जनपद पंचायत दुर्ग की अध्यक्ष श्रीमती कुलेश्वरी देवांगन, जिला पंचायत सदस्य सुश्री प्रिया साहू, श्रीमती श्रद्धा साहू, श्रीमती नीलम चंद्राकर सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। सांसद श्री विजय बघेल ने कहा कि विकसित भारत गारंटी रोजगार एवं आजीविका मिशन, विकसित भारत-2047 के राष्ट्रीय संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत प्रत्येक पंजीकृत ग्रामीण परिवार को अब 100 दिनों के स्थान पर 125 दिनों का कानूनी रूप से गारंटीशुदा मांग आधारित रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही छत्तीसगढ़ में मजदूरी दर 262 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये प्रतिदिन कर दी गई है, जिससे ग्रामीण श्रमिकों की आय में वृद्धि होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। उन्होंने बताया कि योजना के तहत रोजगार की मांग प्राप्त होने के 15 दिनों के भीतर कार्य उपलब्ध कराने तथा मजदूरी का भुगतान सात दिनों के भीतर सुनिश्चित करने का प्रावधान किया गया है।

समय पर रोजगार उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में पात्र हितग्राहियों को नियमानुसार गारंटीकृत बेरोजगारी भत्ता भी प्रदान किया जाएगा। योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रशासनिक व्यय की सीमा 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत कर दी गई है। योजना के अंतर्गत ग्रामीण विकास के चार प्रमुख क्षेत्रों जल सुरक्षा, मूलभूत ग्रामीण अधोसंरचना, आजीविका संवर्धन एवं आपदा-निवारण पर विशेष फोकस किया जाएगा। ग्राम पंचायतों में स्थायी परिसंपत्तियों एवं आधारभूत अधोसंरचना के निर्माण से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे तथा ग्राम पंचायतों के सतत एवं समग्र विकास को गति मिलेगी। मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत दुर्ग श्री बजरंग कुमार दुबे ने बताया कि योजना के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत में ग्राम सभा के माध्यम से विकसित ग्राम पंचायत योजना तैयार की जाएगी।

प्रधानमंत्री गति शक्ति पहल के अनुरूप आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए स्थानीय आवश्यकताओं के आधार पर विकास कार्यों का चयन किया जाएगा। सभी कार्यों की डिजिटल मॉनिटरिंग विकसित भारत राष्ट्रीय ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर स्टैक (व्हीबी-एनआरआईएस) के माध्यम से की जाएगी, जिससे पारदर्शिता, गुणवत्ता एवं जवाबदेही सुनिश्चित होगी।

जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती बंजारे ने कहा कि योजना के अंतर्गत जल संरक्षण, ग्रामीण सड़क एवं अन्य आधारभूत अधोसंरचना, आजीविका संवर्धन, कौशल विकास तथा प्राकृतिक आपदाओं से बचाव संबंधी कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। राज्य सरकार को बुवाई एवं कटाई के दौरान श्रम उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए वर्ष में अधिकतम 60 दिनों तक कार्य स्थगित करने का अधिकार रहेगा।

इस अवसर पर बताया गया कि योजना के संबंध में फैलाई जा रही भ्रांतियों का कोई आधार नहीं है। रोजगार की गारंटी को कम नहीं बल्कि 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन किया गया है। सभी विकास कार्यों का चयन एवं अनुमोदन ग्राम सभाओं द्वारा ही किया जाएगा। योजना के लिए प्राथमिक वित्तीय दायित्व पूर्ववत केंद्र सरकार का रहेगा तथा इसका उद्देश्य सहकारी संघवाद, पारदर्शिता एवं जवाबदेही को और अधिक सुदृढ़ करना है।

कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने योजना को ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन, आजीविका संवर्धन एवं आधारभूत अधोसंरचना के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताते हुए इसके प्रभावी क्रियान्वयन पर बल दिया।

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