बारिश की हर बूंद सहेजने में छत्तीसगढ़ देश में अव्वल, JSJB 3.0 में हासिल किया पहला स्थान
किसानों का ‘5 प्रतिशत मॉडल’ बना देश के लिए मिसाल, पांच जिले टॉप-10 में शामिल

रायपुर, 2 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ ने वर्षा जल संरक्षण और भू-जल पुनर्भरण के क्षेत्र में देशभर में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। जल शक्ति मंत्रालय के ‘जल संचय जन भागीदारी’ (JSJB) अभियान के तीसरे चरण में छत्तीसगढ़ ने देश में पहला स्थान प्राप्त किया है। प्रदेश के पांच जिले—सूरजपुर, महासमुंद, बालोद, बलौदाबाजार-भाटापारा और कबीरधाम—भी जल संरक्षण के क्षेत्र में देश के शीर्ष 10 जिलों में शामिल हुए हैं।

नई दिल्ली के सुषमा स्वराज भवन में आयोजित जल शक्ति मंत्रालय के विभागीय शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ के जनभागीदारी आधारित जल संरक्षण मॉडल को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया। सम्मेलन के ‘कैच द रेन’ सत्र में उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने प्रदेश में वर्षा जल संचयन, भू-जल पुनर्भरण और पेयजल स्रोतों के संरक्षण के प्रयासों की जानकारी दी।मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने जल संरक्षण को केवल सरकारी योजना न बनाकर जनअभियान का स्वरूप दिया है।
किसानों, ग्राम पंचायतों, जल सखियों, जल मित्रों और स्थानीय समुदायों को इस अभियान से जोड़ा गया है।किसानों का 5 प्रतिशत मॉडल बना मिसालमुख्यमंत्री ने कोरिया जिले से शुरू हुए ‘5 प्रतिशत मॉडल’ का विशेष उल्लेख किया। इसके तहत किसान अपनी कृषि भूमि का लगभग 5 प्रतिशत हिस्सा स्वेच्छा से जल संरक्षण और भू-जल पुनर्भरण के लिए उपलब्ध करा रहे हैं। खेत में ही वर्षा जल को रोककर उसे धीरे-धीरे जमीन में पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
तीन चरणों में 28 लाख से अधिक जल संरचनाएंJSJB के पहले चरण में प्रदेश में 4 लाख 5 हजार 561 जल संरचनाएं बनाई गईं। दूसरे चरण में 24 लाख 7 हजार 456 जल संरचनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 23 लाख से अधिक का कार्य पूरा हो चुका है। वहीं तीसरे चरण में 79 हजार 775 जल संरचनाएं दर्ज की गई हैं, जिनमें 77 हजार 719 का कार्य पूर्ण हो चुका है।प्रदेश में जल संरक्षण के प्रयासों के परिणामस्वरूप पानी की कमी वाले ब्लॉकों की संख्या भी 26 से घटकर 19 रह गई है।
पांच क्रिटिकल ब्लॉकों के सामान्य श्रेणी में आने का अनुमान है।मुख्यमंत्री साय ने प्रत्येक राज्य के लिए अलग ‘कैच द रेन प्लान’, बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों के लिए ‘स्टेट वाटर अवार्ड्स’ और जल संरक्षण अभियान की तीन माह में समीक्षा का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि तकनीक, नियमित मॉनिटरिंग और जनभागीदारी के समन्वय से देश में जल संरक्षण को और प्रभावी बनाया जा सकता है।
प्रदेश सरकार का लक्ष्य बारिश की हर बूंद को स्थानीय स्तर पर रोकना और अधिक से अधिक पानी को जमीन के भीतर पहुंचाना है, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
