भिलाई में नशीली सिरप तस्करी का भंडाफोड़: फर्जी लाइसेंस से चल रहा था गिरोह, 4 आरोपी गिरफ्तार
दुर्ग, 24 अप्रैल 2026। दुर्ग पुलिस ने नशीली दवाओं की अवैध तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। चौकी स्मृतिनगर और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो फर्जी ड्रग लाइसेंस के जरिए प्रतिबंधित कोडीन युक्त सिरप की तस्करी कर रहे थे।पुलिस को 23 अप्रैल को सूचना मिली थी कि भिलाई के जुनवानी खम्हरिया रोड क्षेत्र में कुछ लोग नशीली सिरप की बिक्री के लिए परिवहन कर रहे हैं।
सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए टीम ने घेराबंदी कर एक सेण्ट्रो कार को रोका। तलाशी के दौरान वाहन से 7 कार्टून में भरी 800 नग प्रतिबंधित CADIFOS-T सिरप बरामद की गई।पूछताछ में मुख्य आरोपी योगेश शर्मा और उमेश कुमार यादव ने खुलासा किया कि उन्होंने फर्जी ड्रग लाइसेंस तैयार कर गुजरात की कंपनी से ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और ई-कुरियर के माध्यम से नशीली सिरप मंगाई। इसके बाद इन सिरप को स्थानीय स्तर पर युवाओं को ऊंचे दामों में बेचा जाता था।जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी योगेश शर्मा ने असली लाइसेंस में एडिटिंग कर अपने नाम से नकली लाइसेंस तैयार किया था और फर्जी लेटरपैड व सील का इस्तेमाल कर सप्लाई नेटवर्क खड़ा किया।
मामले में महावीर जैन उर्फ रोहित और सतीश मेश्राम को भी गिरफ्तार किया गया है।पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 5 लाख रुपये की सामग्री जब्त की है, जिसमें 800 बोतल नशीली सिरप, एक एक्टिवा, एक कार, 4 मोबाइल फोन और नकद राशि शामिल है। सभी आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि युवाओं को नशे के जाल से बचाया जा सके और समाज में कानून व्यवस्था बनाए रखी जा सके।
