10 सूत्रीय मांगों को लेकर विद्यालयीन शिक्षक संघ ने मुख्य सचिव को सौंपा ज्ञापन
रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश विद्यालयीन शिक्षक संघ ने शिक्षकों की विभिन्न लंबित मांगों को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग के मुख्य सचिव कमलप्रीत सिंह को 10 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में शिक्षकों की समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की गई।प्रदेश अध्यक्ष धरमदास बंजारे के नेतृत्व में प्रदेश उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद प्रेमी, राजेश बंजारे तथा जशपुर जिला अध्यक्ष मुकेश कुमार ने 15 जुलाई को मुख्य सचिव से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा।

संघ ने सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति दूर करने, विशेष पिछड़ी जनजाति (पहाड़ी कोरवा एवं बिरहोर) के शिक्षकों को 100 प्रतिशत विभागीय बी.एड./डी.एड. प्रशिक्षण उपलब्ध कराने तथा वीएसके (VSK) ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली (AAPS) में सुधार की मांग की। संगठन का कहना है कि तकनीकी खामियों के कारण कई शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं हो पा रही है, इसलिए किसी भी स्थिति में वेतन नहीं रोका जाए।

ज्ञापन में पदोन्नति के दौरान वरिष्ठता का पालन सुनिश्चित करने, प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शालाओं के प्रधान पाठकों को वित्तीय क्रय अधिकार देने तथा शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त रखने की भी मांग की गई। संघ ने कहा कि वर्तमान में अनेक शिक्षक और प्रधान पाठक संकुल समन्वयक एवं बीआरसी जैसे अतिरिक्त दायित्व निभा रहे हैं, जिससे शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है।
इन पदों पर अलग से भर्ती की जाए ताकि विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित हो सके।शिक्षक संघ ने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार उनकी 10 सूत्रीय मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेकर शिक्षकों की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का समाधान करेगी।
