जनजातीय गरिमा उत्सव बना बदलाव की मिसाल, रोन्ही पहाड़ी कोरवा को मिला स्वास्थ्य सुरक्षा का सहारा

जनजातीय गरिमा उत्सव बना बदलाव की मिसाल, रोन्ही पहाड़ी कोरवा को मिला स्वास्थ्य सुरक्षा का सहारा

छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में आयोजित जनजातीय गरिमा उत्सव शिविर ने एक जरूरतमंद परिवार की जिंदगी में नई उम्मीद जगा दी। विकासखंड राजपुर के ग्राम पंचायत पतरापारा की निवासी श्रीमती रोन्ही पहाड़ी कोरवा को शिविर में आयुष्मान भारत कार्ड प्रदान किया गया, जिससे अब उनके परिवार को बेहतर और निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।राज्य शासन द्वारा संचालित “जनभागीदारी सबसे दूर सबसे पहले” अभियान के तहत दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में शिविर लगाकर ग्रामीणों को शासन की योजनाओं से जोड़ा जा रहा है।

इन शिविरों में आधार पंजीयन, बैंकिंग सेवाएं, राशन कार्ड, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना और आयुष्मान भारत योजना जैसी सुविधाओं का लाभ मौके पर ही उपलब्ध कराया जा रहा है।श्रीमती रोन्ही का परिवार लंबे समय से आर्थिक तंगी और स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा था। छोटी-छोटी बीमारियों के इलाज के लिए भी उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। संसाधनों की कमी के कारण कई बार उन्हें स्थानीय बैगा-गुनिया पर निर्भर रहना पड़ता था।

अस्पताल तक पहुंचना और इलाज का खर्च उठाना उनके लिए बेहद मुश्किल था।जनजातीय गरिमा उत्सव शिविर में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उनकी समस्या को समझते हुए मौके पर ही आयुष्मान कार्ड बनाकर सौंपा। अब रोन्ही और उनके परिवार को इलाज के भारी खर्च की चिंता से राहत मिल गई है। वे आवश्यकता पड़ने पर अनुबंधित अस्पतालों में निःशुल्क उपचार का लाभ ले सकेंगी।रोन्ही पहाड़ी कोरवा ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि पहले बीमारी का मतलब चिंता और कर्ज होता था, लेकिन अब आयुष्मान कार्ड मिलने से परिवार को सुरक्षा का भरोसा मिला है।

उन्होंने इस पहल के लिए राज्य सरकार और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया।जनजातीय गरिमा उत्सव और जनभागीदारी अभियान अब दूरस्थ अंचलों के अंतिम व्यक्ति तक सुशासन और जनकल्याण की रोशनी पहुंचाने का माध्यम बनते जा रहे हैं।

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