दुर्ग में अवैध कीटनाशक कारोबार का बड़ा खुलासा, बंद गोदाम में निर्माण-भंडारण और बिक्री का आरोप
दुर्ग के गंजपारा स्थित गोदाम से 2259 लीटर तरल और 4712 किलो सामग्री जब्त, कृषि-राजस्व-पुलिस की संयुक्त कार्रवाई
डोंगरगढ़ में पदस्थ वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी होतम सिंह रावत निलंबित, जांच में कई गंभीर तथ्य सामने आने का दावा
दुर्ग। जिले में कीटनाशकों के अवैध निर्माण, भंडारण और बिक्री से जुड़े मामले का बड़ा खुलासा हुआ है। कृषि विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एक बंद गोदाम से बड़ी मात्रा में कीटनाशक, जैव उर्वरक, सल्फर पाउडर, कच्चा माल, मशीनरी सहित अन्य सामग्री बरामद की गई है। कार्रवाई के दौरान 2259 लीटर तरल पदार्थ और 4712 किलोग्राम सामग्री जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई है।
प्रारंभिक जांच में संबंधित कारोबार के संचालन के लिए आवश्यक वैध लाइसेंस और निर्माण एवं कारोबार से संबंधित दस्तावेज नहीं मिलने की बात कही गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए विभागीय स्तर पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।बंद गोदाम में चल रहा था निर्माण और भंडारणजांच के दौरान अधिकारियों को गोदाम में कीटनाशक एवं कृषि उपयोग से संबंधित अन्य सामग्री बड़ी मात्रा में मिली। मौके से मशीनरी और कच्चा माल भी बरामद किया गया है।
इससे गोदाम में केवल सामग्री के भंडारण के अलावा कथित तौर पर निर्माण अथवा मिश्रण जैसी गतिविधियां संचालित किए जाने की आशंका भी जांच के दायरे में आई है।अधिकारियों ने बरामद सामग्री के नमूने जांच के लिए भेजे हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि जब्त किए गए उत्पाद निर्धारित गुणवत्ता और मानकों के अनुरूप थे या नहीं।बिना लाइसेंस कारोबार का मामलाप्रारंभिक जांच में गोदाम से कीटनाशकों के निर्माण, भंडारण और बिक्री के लिए आवश्यक वैध लाइसेंस अथवा संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने की जानकारी सामने आई है। विभाग द्वारा इस संबंध में संबंधित पक्ष को नोटिस जारी किया गया है।मामले में यह भी जांच की जा रही है कि बरामद सामग्री कहां से लाई गई थी, उसका निर्माण या प्रसंस्करण कहां हुआ और तैयार सामग्री किन-किन स्थानों पर भेजी गई।
वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी निलंबित मामले में कार्रवाई का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि डोंगरगढ़ में पदस्थ वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी होतम सिंह रावत को राज्य शासन द्वारा निलंबित किया गया है। उनके खिलाफ गोदाम के संचालन और संबंधित गतिविधियों को लेकर गंभीर आरोप जांच में सामने आने की बात कही जा रही है।प्रारंभिक जांच के अनुसार गोदाम का संचालन कथित तौर पर होतम सिंह रावत के निर्देश पर होने तथा उनके निर्देश पर सामग्री दूसरे जिलों में भेजे जाने की बात सामने आई है।
हालांकि, इन आरोपों की अंतिम पुष्टि विस्तृत विभागीय जांच और उपलब्ध दस्तावेजों के परीक्षण के बाद ही होगी।बिल बुक में कई जिलों के विक्रेताओं का उल्लेखजांच के दौरान सामने आए दस्तावेजों में खैरागढ़, राजनांदगांव और दुर्ग के विक्रेताओं को सामग्री की बिक्री किए जाने के संकेत मिलने की बात कही गई है। इससे जांच का दायरा केवल संबंधित गोदाम तक सीमित नहीं रहकर सामग्री की आपूर्ति और बिक्री के नेटवर्क तक पहुंचने की संभावना है।जांच एजेंसियां अब बिल बुक, बिक्री रिकॉर्ड, परिवहन से संबंधित दस्तावेज और अन्य उपलब्ध अभिलेखों का परीक्षण कर रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कितनी मात्रा में सामग्री तैयार या खरीदी गई और उसे किन-किन स्थानों पर भेजा गया।
मशीनरी, कच्चा माल और अन्य सामग्री जब्तसंयुक्त कार्रवाई में कीटनाशक के अलावा जैव उर्वरक, सल्फर पाउडर, मशीनरी और अन्य कच्ची सामग्री भी जब्त की गई है। जब्त सामग्री का विवरण तैयार कर विभागीय रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है। उत्पादों के नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए हैं।अब जांच में मुख्य रूप से यह देखा जा रहा है कि संबंधित सामग्री किस कंपनी या स्रोत से आई, उसके निर्माण अथवा भंडारण की अनुमति थी या नहीं, उत्पादों की गुणवत्ता कैसी थी और बिना वैध अनुमति के इनका कारोबार कितने समय से संचालित किया जा रहा था।
दूसरे जिलों तक पहुंचने की आशंका बिल बुक और अन्य दस्तावेजों में अलग-अलग जिलों के विक्रेताओं का उल्लेख मिलने से अधिकारियों की जांच का फोकस अब संभावित सप्लाई नेटवर्क पर भी है। यदि दस्तावेजों से बड़े पैमाने पर आपूर्ति की पुष्टि होती है तो मामले में शामिल अन्य व्यक्तियों और प्रतिष्ठानों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है।फिलहाल विभाग ने जब्त सामग्री के नमूने जांच के लिए भेज दिए हैं और संबंधित पक्ष को नोटिस जारी किया गया है। जांच रिपोर्ट, दस्तावेजों के परीक्षण और विभागीय कार्रवाई के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट होगी।फिलहाल कृषि विभाग, राजस्व और पुलिस की संयुक्त जांच जारी है।
अधिकारियों का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और प्रयोगशाला रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
