स्कूलों में लगेगा शुगर-कैलोरी बोर्ड, जंक फूड पर जागरूकता का पहरा
बाल मोटापा और मधुमेह के बढ़ते खतरे को देखते हुए बाल आयोग की बड़ी अनुशंसा
रायपुर, 6 अक्टूबर 2026। बच्चों में बढ़ते मोटापे और मधुमेह के खतरे को देखते हुए छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने स्कूलों में स्वास्थ्य जागरूकता को लेकर महत्वपूर्ण पहल की अनुशंसा की है। आयोग ने राज्य के सभी शासकीय एवं निजी विद्यालयों के साथ-साथ आवासीय संस्थाओं में शुगर एवं कैलोरी जागरूकता बोर्ड स्थापित करने का सुझाव दिया है।
आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि जंक फूड, मीठे पेय पदार्थ और पैकेटबंद खाद्य पदार्थों के बढ़ते सेवन को नियंत्रित करने के लिए बच्चों और पालकों के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव जरूरी है। प्रस्तावित बोर्ड में खाद्य पदार्थों में मौजूद शक्कर, नमक और कैलोरी की मात्रा को सरल और दृश्य माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा। इसके लिए लाल, पीला और हरा ट्रैफिक लाइट सिस्टम अपनाने की अनुशंसा की गई है, ताकि बच्चे आसानी से समझ सकें कि कौन-सा खाद्य पदार्थ स्वास्थ्य के लिए बेहतर है।
आयोग ने स्कूलों में जंक फूड की बिक्री पर नियंत्रण, पौष्टिक एवं स्थानीय खाद्य पदार्थों को बढ़ावा देने, ईट राइट क्लब एवं छात्र स्वास्थ्य एंबेसडर बनाने तथा प्रार्थना सभा में नियमित पोषण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की अनुशंसा की है।आश्रम शालाओं, पोटा केबिन, प्रयास एवं एकलव्य विद्यालयों में भोजन सारणी के साथ शुगर-कैलोरी बोर्ड लगाने पर भी जोर दिया गया है।
साथ ही पालक-शिक्षक बैठकों में संतुलित आहार और बच्चों के स्वस्थ खान-पान पर चर्चा तथा उत्कृष्ट प्रयास करने वाले पालकों को प्रोत्साहित करने की व्यवस्था की अनुशंसा की गई है।आयोग ने संबंधित विभागों को आवश्यक कार्यवाही कर इसकी जानकारी आयोग को उपलब्ध कराने का निर्देशात्मक आग्रह किया है।
