पंडरिया में शिक्षा व्यवस्था सुधारने बीईओ दीपक ठाकुर की मैराथन बैठक, बच्चों को 25 तक पहाड़े याद कराने के निर्देश
दुल्लापुर जोन के 8 संकुलों के 95 संस्था प्रमुख हुए शामिल, शैक्षणिक गुणवत्ता से लेकर डिजिटल उपस्थिति और MBU अपडेट तक की हुई समीक्षा

पंडरिया (कबीरधाम)। विकासखंड में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने और विद्यालयों की व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने अपनी कवायद तेज कर दी है। संयुक्त संचालक के निर्देशानुसार विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) दीपक ठाकुर के नेतृत्व में जोन स्तरीय समीक्षा बैठकों का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में दुल्लापुर जोन की बैठक घुटुरकुंडी हाई स्कूल में आयोजित हुई, जिसमें आठ संकुलों के 95 संस्था प्रमुखों ने अनिवार्य रूप से भाग लिया।

मैराथन बैठक में विद्यार्थियों की शैक्षणिक दक्षता, शिक्षकों की उपस्थिति, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और विद्यालयों में अनुशासन को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई।बच्चों की बुनियादी दक्षता पर विशेष जोरबैठक में विद्यार्थियों की पढ़ने और गणितीय दक्षता बढ़ाने के लिए स्पष्ट निर्देश दिए गए। कक्षा तीसरी से पांचवीं तक के विद्यार्थियों को 20 तक पहाड़े याद कराने और हिंदी पठन में दक्ष बनाने पर जोर दिया गया। वहीं, कक्षा छठवीं से आठवीं तक के विद्यार्थियों को 25 तक पहाड़े याद कराने तथा अंग्रेजी पठन में दक्ष बनाने के निर्देश दिए गए।
शिक्षा विभाग का फोकस विद्यार्थियों की बुनियादी समझ मजबूत करने और सीखने के स्तर में सुधार लाने पर रहेगा।12 से 28 अक्टूबर तक MBU अपडेट के लिए विशेष कैंपकबीरधाम कलेक्टर के निर्देशानुसार विद्यार्थियों के बैंक खातों से संबंधित MBU अपडेट कार्य को प्राथमिकता दी गई है। इसके तहत कक्षा पहली से बारहवीं तक के सभी विद्यार्थियों का डेटा अपडेट किया जाएगा। इसके लिए 12 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक सभी संकुल केंद्रों में विशेष कैंप आयोजित किए जाएंगे। बैठक में इस कार्य की शत-प्रतिशत एंट्री सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति एवं अन्य शासकीय योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में परेशानी न हो।
VSK ऐप से उपस्थिति, स्कूलों में नशामुक्त वातावरण पर जोरबैठक में शिक्षकों की उपस्थिति शत-प्रतिशत VSK ऐप के माध्यम से दर्ज करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही शाला त्यागी और पलायन करने वाले बच्चों की पहचान एवं ट्रैकिंग, मध्यान्ह भोजन के निर्धारित मेनू का पालन और विद्यालय परिसर के 100 मीटर के दायरे को पूर्णतः नशामुक्त रखने पर जोर दिया गया।पर्यावरण संरक्षण के लिए ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत विद्यालयों की रेटिंग सुधारने तथा बैगलेस डे पर विद्यार्थियों को नवोदय और प्रयास प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कराने के निर्देश भी दिए गए।
प्रार्थना सभा निर्धारित क्रम के अनुसार लाउडस्पीकर के माध्यम से आयोजित कराने पर भी जोर दिया गया।चार जोन में बांटा गया पंडरिया विकासखंडशैक्षणिक व्यवस्था की नियमित निगरानी और विद्यालयों की समस्याओं के समाधान के लिए पंडरिया विकासखंड को चार जोन में विभाजित किया गया है। इनमें पंडरिया, दुल्लापुर, कुंडा और कुकदुर जोन शामिल हैं। दुल्लापुर जोन की समीक्षा बैठक संपन्न हो चुकी है, जबकि पंडरिया जोन की बैठक 12 अक्टूबर को स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, पंडरिया में आयोजित की जाएगी।
बीईओ दीपक ठाकुर ने बैठक के दौरान संस्था प्रमुखों से सीधे फीडबैक लिया और विद्यालयों की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक समस्याओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों का समग्र विकास ही विद्यालय की असली सफलता है। उन्होंने विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण बनाने के लिए पूरे विद्यालय परिवार को सहयोग देने का आश्वासन दिया।सेवा पुस्तिका अद्यतन के लिए शनिवारवार रोस्टर जारीसंयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग दुर्ग के निर्देशानुसार शिक्षकों की सेवा पुस्तिका के अद्यतन एवं अवलोकन का कार्य प्रत्येक शनिवार दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक किया जा रहा है।
विभागीय जानकारी के अनुसार अब तक 91 शिक्षक इस प्रक्रिया से लाभान्वित हो चुके हैं।सेवा पुस्तिका अद्यतन के लिए आगामी रोस्टर इस प्रकार निर्धारित किया गया है—
– 10 अक्टूबर: बदना, नेउर, भाकुर, चतरी, पोलमी, सेन्दुरखार।
– 17 अक्टूबर: चतरी, चियाडांड़, मुनमुना, सरईसेत, कोदवागोडान, पाण्डातराई।
– 24 अक्टूबर: देवसरा, विरकोना, पाढ़ी, खैरझिटी, पंडरिया।
– 31 अक्टूबर: कापादह, किशुनगढ़, दुल्लापुर, कुई, रूसे।
– 14 नवंबर: महली, डबरी, सोमनापुर नया, बघरा, सेमरकोना।
– 21 नवंबर: खैरझिटी पुराना, भगतपुर, मोहगांव, सुकली गोविंद, पेण्ड्रीकला।
– 28 नवंबर: कोलेगांव, सैहामालगी, कुंडा, कुम्ही, धोवघट्टी, दामापुर। शिक्षा विभाग की इन बैठकों और निर्धारित कार्ययोजना का उद्देश्य विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने, प्रशासनिक कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने तथा विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने की व्यवस्था को मजबूत करना है।
