बैगा जनजाति की जमीन पर कब्जे बर्दाश्त नहीं : ईतवारी राम मछिया

26.89 एकड़ कृषि भूमि पर कब्जे और धान कटाई के आरोप, एसडीएम पंडरिया से शिकायत कर कार्रवाई की मांग
कबीरधाम। आदिम जाति बैगा समाज छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष ईतवारी राम मछिया ने बैगा समुदाय की जमीन पर कथित कब्जे और जमीन हड़पने के प्रयासों को लेकर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई करने की मांग की है।मामला ग्राम पंचायत चियाडांड, विकासखंड पंडरिया निवासी कामदार बैगा की लगभग 26.89 एकड़ कृषि भूमि से संबंधित है।

इस संबंध में बैगा समाज की ओर से अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), पंडरिया को लिखित आवेदन सौंपकर शिकायत की गई है। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि संबंधित व्यक्तियों द्वारा खेत पर कब्जा करने और धान की फसल काटने का प्रयास किया जा रहा है।शिकायत के अनुसार, 23 अक्टूबर 2026 को मोहन, मुन्ना और जोगी नामक व्यक्तियों द्वारा खेत में धान काटने का आरोप है। विरोध करने पर गाली-गलौज और धमकी देने की बात भी आवेदन में कही गई है।

शिकायतकर्ता पक्ष का आरोप है कि पुलिस को सूचना देने और समझाइश के बावजूद 24 अक्टूबर को दोबारा खेत में पहुंचकर धान काटने का प्रयास किया गया।प्रदेश अध्यक्ष ईतवारी राम मछिया ने कहा कि बैगा समुदाय की जमीन, सम्मान और अधिकारों की रक्षा समाज की प्राथमिकता है। किसी भी बैगा परिवार की जमीन पर अवैध कब्जे या उसे हड़पने के प्रयास बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। उन्होंने प्रशासन से भूमि संबंधी दस्तावेजों और शिकायत में उल्लेखित तथ्यों की जांच कर समयबद्ध कार्रवाई करने की मांग की।
मछिया ने चेतावनी दी कि यदि बैगा समुदाय की जमीन पर कब्जे के प्रयास जारी रहे, तो समाज एकजुट होकर लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से आंदोलन करेगा। उन्होंने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की अपील की।
ज्ञापन सौंपने के दौरान समाज प्रमुख बड्ड सड़िया, प्रदेश सलाहकार गौठु बरंगिया, जिला उपाध्यक्ष सेमलाल पड़िया सहित समाज के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
