दुर्ग जिले में राशन माफिया पर प्रशासन का बड़ा चाबुक
गड़बड़ी करने वाली 24 शासकीय उचित मूल्य दुकानों का आबंटन निरस्त, नए संचालन के लिए आवेदन आमंत्रित
Durg जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में लंबे समय से मिल रही अनियमितताओं और शिकायतों पर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 24 शासकीय उचित मूल्य दुकानों (राशन दुकानों) का आबंटन निरस्त कर दिया है। खाद्य विभाग द्वारा की गई जांच में कई दुकानों के संचालन में गंभीर गड़बड़ियां, नियमों का उल्लंघन और वितरण प्रक्रिया में अनियमितताएं सामने आने के बाद यह सख्त कदम उठाया गया है।
जिला प्रशासन की इस कार्रवाई को राशन माफिया और सार्वजनिक वितरण प्रणाली में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ अब तक की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। प्रशासन ने साफ संकेत दिए हैं कि गरीबों के हक के राशन में किसी भी प्रकार की हेराफेरी या लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।खाद्य नियंत्रक कार्यालय के अनुसार यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश 2016 की कंडिका 16 के तहत की गई है।
जांच में सामने आया कि कई दुकानों में पात्र हितग्राहियों को समय पर राशन वितरण नहीं किया जा रहा था, रिकॉर्ड संधारण में गड़बड़ी थी तथा वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता का अभाव पाया गया।इन संस्थाओं का आबंटन किया गया निरस्तकार्रवाई की जद में कई महिला स्व-सहायता समूह, सहकारी समितियां और उपभोक्ता भंडार आए हैं।
जिन संस्थाओं की राशन दुकानों का आबंटन निरस्त किया गया है, उनमें प्रमुख रूप से —महिला स्व सहायता समूहसंगवारी खाद्य सुरक्षा पोषण एवं उप सेवा सह समिति नवीन महिला स्व सहायता समूह शंकरा महिला स्व सहायता समूहजय शक्ति महिला स्व सहायता समूह जय श्री कृष्ण महिला स्व सहायता समूह दुर्ग सहकारी विपणन समिति कृषक सेवा सहकारी समिति कोहका,मां अन्नपूर्णा स्व सहायता समूह सामुदायिक विकास समिति भिलाई एकता महिला स्व सहायता समूह बीएसपी प्राथमिक सहकारी उपभोक्ता भंडार सहकारी उपभोक्ता भंडार भिलाई विन्ध्यवासिनी महिला स्व सहायता समूह स्टील नगर महिला स्व सहायता समूह जय भवानी महिला स्व सहायता समूह इस्पात कर्मचारी कन्ज्यूमर कोऑपरेटिव स्टोर्स संतोषी महिला स्व सहायता समूह भूतपूर्व सैनिक कल्याण संघ सहित अन्य संस्थाएं शामिल हैं।प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, कई दुकानों के खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही थीं।
जांच में अनियमितता प्रमाणित होने के बाद आबंटन निरस्त करने का निर्णय लिया गया।अब स्थानीय संस्थाओं से मांगे गए आवेदननिरस्त दुकानों के संचालन के लिए जिला प्रशासन ने नए आवेदन आमंत्रित किए हैं। खाद्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि आवेदन केवल संबंधित वार्ड अथवा क्षेत्र की स्थानीय संस्थाओं से ही स्वीकार किए जाएंगे।आवेदन करने के पात्र संस्थानों में शामिल हैं —स्थानीय नगरीय निकायमहिला स्व-सहायता समूहप्राथमिक कृषि साख समितियांअन्य सहकारी समितियांराज्य शासन द्वारा विनिर्दिष्ट उपक्रमवन सुरक्षा समितियांआवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 15 जून 2026 निर्धारित की गई है।
इच्छुक संस्थाएं अपने आवेदन कलेक्टर कार्यालय स्थित खाद्य शाखा में स्वयं, अधिकृत प्रतिनिधि या साधारण डाक के माध्यम से जमा कर सकेंगी।अनुभवी और सक्रिय संस्थाओं को मिलेगी प्राथमिकताखाद्य नियंत्रक कार्यालय ने बताया कि राशन दुकानों के नए आबंटन में उन संस्थाओं को प्राथमिकता दी जाएगी जो आवेदन तिथि से कम से कम तीन माह पहले से पंजीकृत और सक्रिय हों। इसके साथ ही सामाजिक एवं आर्थिक क्षेत्र में कार्य का अनुभव रखने वाली संस्थाओं को वरीयता दी जाएगी।
प्रशासन का उद्देश्य राशन वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और हितग्राही केंद्रित बनाना है ताकि पात्र परिवारों को समय पर खाद्यान्न उपलब्ध हो सके।शासन और न्यायालय के निर्देशों के अधीन रहेगी प्रक्रियाजिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उचित मूल्य दुकानों का नया आबंटन छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली आदेश 2016 के प्रावधानों के अनुसार किया जाएगा। साथ ही पूरी प्रक्रिया शासन के दिशा-निर्देशों और न्यायालयीन निर्णयों के अधीन रहेगी।खाद्य विभाग ने यह भी साफ कर दिया है कि निर्धारित समय सीमा के बाद प्राप्त आवेदनों पर किसी प्रकार का विचार नहीं किया जाएगा।
ऐसे में इच्छुक संस्थाओं को समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी गई है।गरीबों के हक की सुरक्षा पर प्रशासन सख्तप्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है। ऐसे में राशन वितरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या भ्रष्टाचार को गंभीरता से लिया जाएगा।दुर्ग जिले में हुई यह कार्रवाई प्रदेशभर के राशन दुकानदारों और संचालक संस्थाओं के लिए भी एक बड़ा संदेश मानी जा रही है कि यदि वितरण व्यवस्था में गड़बड़ी पाई गई तो प्रशासन सख्त कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा।
