बस्तर में शिक्षा, तकनीक और महिला स्वावलंबन को नई रफ्तार — शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने स्कूलों का किया निरीक्षण, पंचायत कैफे का शुभारंभ

दंतेवाड़ा/सुकमा। बस्तर अंचल में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, बच्चों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव का दौरा महत्वपूर्ण संदेश लेकर आया। दंतेवाड़ा में उन्होंने स्कूलों और पोटाकेबिन का निरीक्षण कर विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया, वहीं सुकमा जिले के केरलापाल में पंचायत कैफे का शुभारंभ कर बिहान से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूह की महिलाओं का उत्साह बढ़ाया।

बच्चों के बीच पहुंचे मंत्री, अंग्रेजी और पहाड़े पूछकर परखी सीखने की क्षमतादंतेवाड़ा प्रवास के दौरान शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कलारपारा और पोटाकेबिन मोखपाल का निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यालय की प्रार्थना सभा में शामिल होकर बच्चों से सीधे बातचीत की। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों से अंग्रेजी, पहाड़े और सामान्य ज्ञान से जुड़े सवाल पूछे तथा उनकी शैक्षणिक समझ और आत्मविश्वास को परखा।मंत्री ने बच्चों से उनकी पढ़ाई, विद्यालय में मिलने वाली सुविधाओं और उनकी जरूरतों के संबंध में भी जानकारी ली।
बच्चों ने बेझिझक अपनी समस्याएं और आवश्यकताएं मंत्री के सामने रखीं। विद्यार्थियों द्वारा कुर्सी-टेबल तथा जूते-मोजे की आवश्यकता बताए जाने पर मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।एआई कक्षा का लिया जायजा, डिजिटल शिक्षा पर जोरमंत्री यादव ने विद्यालय में संचालित एआई कक्षा का भी जायजा लिया। उन्होंने आधुनिक तकनीक के माध्यम से बच्चों को शिक्षा देने की व्यवस्था को महत्वपूर्ण बताते हुए डिजिटल शिक्षा, कंप्यूटर प्रशिक्षण और विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि बस्तर के दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को भी आधुनिक शिक्षा और तकनीकी संसाधनों का लाभ मिलना चाहिए। शिक्षा के साथ तकनीक का समावेश विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।मंत्री ने जिले के सभी 14 पोटाकेबिन में किचन गार्डन विकसित करने के निर्देश भी दिए। इसका उद्देश्य बच्चों को पौष्टिक आहार के साथ खेती, हरियाली और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ना है।केरलापाल में पंचायत कैफे की शुरुआत, महिलाओं के साथ बैठकर चाय-नाश्ता कियादंतेवाड़ा के बाद सुकमा जिले के केरलापाल पहुंचे शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने पंचायत कैफे का शुभारंभ किया।
इस कैफे का संचालन बिहान से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूह की दीदियों द्वारा किया जाएगा। पंचायत कैफे ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार का नया माध्यम बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।शुभारंभ के दौरान मंत्री ने महिलाओं से आत्मीयता के साथ संवाद किया। वे उनके बीच बैठकर उनके हाथों से तैयार किया गया नाश्ता किया और चाय की चुस्की लेते हुए महिलाओं का उत्साह बढ़ाया। मंत्री का यह सहज अंदाज महिलाओं के लिए प्रोत्साहन का अवसर बना।उन्होंने महिला समूहों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और उन्हें स्थानीय स्तर पर रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया।
1.14 करोड़ की लागत से 8 ग्रामीण आजीविका एक्सप्रेस को हरी झंडीकार्यक्रम के दौरान मंत्री ने करीब 1 करोड़ 14 लाख रुपये की लागत से तैयार 8 ‘ग्रामीण आजीविका एक्सप्रेस’ वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।इन वाहनों का उद्देश्य सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं को आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनकी कृषि एवं अन्य उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने में मदद करना है। इससे ग्रामीण महिला स्व-सहायता समूहों को अपने उत्पादों की बिक्री के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध होने की उम्मीद है।
ग्रामीण आजीविका एक्सप्रेस के माध्यम से महिलाओं के उत्पाद गांव से बाजार तक आसानी से पहुंच सकेंगे, जिससे उनकी आय बढ़ाने और आजीविका के साधनों को मजबूत करने में मदद मिलेगी।शिक्षा और आजीविका के संगम से बदलेगा बस्तर का भविष्यशिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव का दंतेवाड़ा और सुकमा दौरा बस्तर में विकास के दो महत्वपूर्ण पहलुओं—गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और महिला स्वावलंबन—पर केंद्रित रहा। एक ओर स्कूलों में बच्चों को आधुनिक तकनीक और बेहतर सुविधाओं से जोड़ने पर जोर दिया गया, तो दूसरी ओर ग्रामीण महिलाओं को रोजगार और बाजार से जोड़ने की पहल को गति दी गई।
स्कूलों में बच्चों से सीधा संवाद, एआई कक्षाओं का निरीक्षण, उनकी जरूरतों को मौके पर समझना और पोटाकेबिन में किचन गार्डन की पहल जहां शिक्षा व्यवस्था को संवेदनशील और आधुनिक बनाने की दिशा में कदम है, वहीं पंचायत कैफे और ग्रामीण आजीविका एक्सप्रेस महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की तस्वीर पेश करते हैं।
बस्तर के दूरस्थ इलाकों में शिक्षा, तकनीक, रोजगार और महिला स्वावलंबन को एक साथ आगे बढ़ाने की ये पहल आने वाले समय में ग्रामीण विकास को नई दिशा देने वाली साबित हो सकती है।
