खरीफ सीजन में खाद-बीज संकट से किसान परेशान, सरकार तत्काल व्यवस्था सुनिश्चित करे : मुकेश साहू
खाद-बीज संकट से जूझ रहे किसान, छत्तीसगढ़ शासन पूरी तरह विफल और चारों ओर अव्यवस्था
धान के कटोरे में खाद-बीज का संकट, छत्तीसगढ़ शासन की विफलता से किसान परेशान
दुर्गशहर जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री मुकेश साहू ने कहा है कि छत्तीसगढ़ को देश का “धान का कटोरा” कहा जाता है, जहां लाखों किसानों की आजीविका कृषि पर निर्भर है। खरीफ सीजन की तैयारियों के इस महत्वपूर्ण समय में प्रदेश के किसान खाद और बीज की उपलब्धता को लेकर गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं। प्रदेश के विभिन्न जिलों में किसान सुबह से शाम तक सहकारी समितियों एवं सोसायटियों के चक्कर काटने को मजबूर हैं, लेकिन उन्हें समय पर खाद और बीज उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं।
हाल के दिनों में खाद की कमी को लेकर किसानों के विरोध और नाराजगी की खबरें भी लगातार सामने आ रही हैं।मुकेश साहू ने कहा कि किसानों के लिए खेती का महत्वपूर्ण समय तेजी से निकलता जा रहा है, लेकिन राज्य सरकार आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने में विफल साबित हुई है। धान की बुवाई एवं अन्य कृषि कार्यों के लिए आवश्यक डीएपी, यूरिया तथा प्रमाणित बीजों की कमी ने किसानों की चिंताओं को और बढ़ा दिया है। एक ओर सरकार किसानों की हितैषी होने का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर किसान आवश्यक कृषि सामग्री के लिए भटकने को मजबूर हैं।
उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी जरूरत के समय खाद और बीज उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। यदि किसानों को समय पर खाद-बीज नहीं मिलेगा तो खेती प्रभावित होगी, उत्पादन में कमी आएगी और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। यह स्थिति केवल किसानों के लिए ही नहीं, बल्कि प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था के लिए भी चिंताजनक है। किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और यदि किसान परेशान होगा तो कृषि उत्पादन के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी प्रभावित होगी।
इसलिए सरकार को राजनीतिक बयानबाजी से ऊपर उठकर किसानों की वास्तविक समस्याओं का समाधान करना चाहिए।मुकेश साहू ने कहा कि चुनाव के समय भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने किसानों के हितों को लेकर बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन धरातल पर किसानों को राहत देने में अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी है। किसान आज भी अपनी मूलभूत आवश्यकताओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। खाद और बीज जैसी आवश्यक कृषि सामग्री की कमी यह दर्शाती है कि कृषि प्रबंधन एवं वितरण व्यवस्था में गंभीर खामियां मौजूद हैं।शहर जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री मुकेश साहू ने मांग की कि प्रदेश की सभी सहकारी समितियों एवं सोसायटियों में पर्याप्त मात्रा में खाद और बीज की तत्काल उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
साथ ही खाद वितरण व्यवस्था की निगरानी के लिए विशेष टीम गठित की जाए, ताकि किसानों को बिना किसी भेदभाव के समय पर आवश्यक कृषि सामग्री उपलब्ध हो सके।उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा किसानों के हितों की लड़ाई लड़ती रही है और आगे भी किसानों के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी। किसानों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए, ताकि प्रदेश का किसान निश्चिंत होकर खेती कर सके और कृषि उत्पादन प्रभावित न हो।मुकेश साहू ने कहा कि छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार और शासन-प्रशासन पूरी तरह विफल साबित हुआ है। चारों ओर अव्यवस्था का वातावरण है।
किसान खाद और बीज के लिए भटक रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं के प्रति गंभीर दिखाई नहीं दे रही है। खरीफ सीजन जैसे महत्वपूर्ण समय में भी आवश्यक कृषि सामग्री उपलब्ध नहीं करा पाना सरकार की नीतिगत विफलता और प्रशासनिक अक्षमता को दर्शाता है। प्रदेश का किसान स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहा है और सरकार से जवाब मांग रहा है।
