श्रद्धा की चिंता छोड़ सत्य का अनुसंधान करें : राष्ट्र संत श्री मणिभद्र मुनि

श्रद्धा की चिंता छोड़ सत्य का अनुसंधान करें : राष्ट्र संत श्री मणिभद्र मुनि

दुर्ग / राष्ट्र संत मानव मिलन संस्थापक श्री डॉक्टर मणिभद्र मुनि जी का आज का प्रवचन श्रद्धा पर केन्द्रित रहा उन्होंने जय आनंद मधुकर रतन भवन बांधा तालाब दुर्ग की धर्म सभा को संबोधित करते हुएश्रद्धा का अर्थ है वह भावदशा जो सत्य से सृजित हुई है। श्रद्धा का जन्म सत्य के गर्भ से होता है। सत्य के गर्भ से निकली श्रद्धा अटूट और अटल होती है। उस श्रद्धा को कोई छीन नहीं सकता ओर नहीं उसे कोई विचलित नहीं कर सकता है।

सत्य से उत्पन्न श्रद्धा को भगवान महावीर ने सम्यक् श्रद्धा कहा है। सम्यक् अर्थात जो सत्य से जन्मी है, जिसके मूल में सत्य स्थापित है। वह श्रद्धा जो मान्यता से जन्मी है वह मिथ्या श्रद्धा है डा मणिभद्र मुनि ने आगे कहा श्रद्धा के जन्म का एक अन्य गर्भ है, भय। भय के कारण भी लोग श्रद्धालु हो जाते हैं। नरक का भय, दुख का भय, इनमें प्रमुख हैनवकार महामंत्र का जप अनुष्ठान प्रारंभ हो गया है ।

आज के नवकार महामंत्र के जाप का लाभ वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक श्रमण संघ के अध्यक्ष श्री धर्मचंद लोढ़ा परिवार ने लियाकल सम्पन्न हुई तपस्या का पारणा जय आनंद मधुकर रतन भवन की भोजनशाला में सम्पन्न हुआ मणिभद्र मुनि के दर्शन वंदन को देश के विभिन्न क्षेत्रों से गुरु भक्त परिवार दुर्ग पहुंच रहे हैं आज की धर्म सभा का संचालन टीकम छाजेड़ ने किया ।

साधुमार्गी जैन संध दुर्ग दुर्ग दीक्षा के दुर्ग नगर में चातुर्मास के लिए अपने गुरु भाई श्री मनीष मुनि के साथ श्री प्रणत मुनि सागरमल गुलाब चंद सांखला समता भवन दुर्ग में भाव भक्ति के साथ चातुर्मास प्रारंभ हो गया है सभा को संबोधित करते हुए संत मुनि महाराज ने गुरु पूर्णिमा पर अपने भाव व्यक्तित्व करते हुए कहा गुरु के उपकारों को कभी बुलाया नहीं जा सकता कंकर से शंकर और आत्मा से परमात्मा बनने का मार्ग गुरु भगवंत ही दिखाते हैंजिस प्रकार पूर्णिमा का चांद पूरे आभामंडल को प्रकाशित करता है ठीक उसी तरह सद्गुरु का ज्ञान हमारे जीवन यात्रा को प्रकाशित करते हुए सही दिशा प्रदान करता है ।

श्री मनीष मुनि जी एवं प्रणत मुनि जी के सानिध्य में त्याग तपस्या की लड़ी प्रारंभ हो चुकी हैजिसमें मीठा लाल जी संचेती ,गोरव जी पारख, चंचल जी सांखला,वीणा जी श्रीश्रीमाल की तपस्या प्रारंभ हे इस वर्ष साधुमार्गी संध को चतुरविध संध का सानिध्य प्राप्त होने से सकल संध में हर्ष का माहौल बना हुआ है साधुमार्गी संध के अध्यक्ष ओमप्रकाश सांखला,मंत्री गोतम पारख ने संघ के सभी वर्ग के लोगों से बढ़ चढ़कर हिस्सा लेने का आह्वान किया है कार्यक्रम का संचालन प्रदीप बोथरा कर रहे हैं ।

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