दुर्ग में पीडीएस घोटाले पर प्रशासन का बड़ा एक्शन! तीन राशन दुकानों पर FIR, महिला समूह की अध्यक्ष समेत चार पर केस दर्ज
चावल और केरोसिन के स्टॉक में भारी गड़बड़ी उजागर, आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई शुरू
दुर्ग। जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को पारदर्शी और भ्रष्टाचारमुक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। खाद्य विभाग की जांच में तीन शासकीय उचित मूल्य दुकानों में चावल और केरोसिन के भंडारण में गंभीर अनियमितताएं सामने आने के बाद संबंधित संचालकों और विक्रेताओं के खिलाफ मोहन नगर थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
खाद्य विभाग द्वारा किए गए भौतिक सत्यापन में शासकीय उचित मूल्य दुकान क्रमांक 431001017, 431001025 और 431001006 में रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक के बीच अंतर पाया गया। जांच में सामने आया कि दुकानों में चावल और केरोसिन का भंडारण निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं था। इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई।खाद्य नियंत्रक कार्यालय के निर्देश पर क्षेत्रीय खाद्य निरीक्षक टेकेश्वर प्रसाद साहू ने मोहन नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई।
मामले में संबंधित संस्था जय शक्ति महिला स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष संध्या चंदेल के साथ विक्रेता नवीन राजपूत, अविनाश निर्मलकर और लल्लन किशोर यादव को आरोपी बनाया गया है। सभी के खिलाफ नियमानुसार जांच और विवेचना जारी है।खाद्य विभाग ने बताया कि स्टॉक में मिली कमी के आधार पर संबंधित दुकानों से नियमानुसार वसूली की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है। प्रशासन का कहना है कि पात्र हितग्राहियों को मिलने वाले राशन में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश, 2016 के तहत गरीब और पात्र हितग्राहियों के अधिकारों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। भविष्य में भी उचित मूल्य दुकानों का लगातार निरीक्षण किया जाएगा और अनियमितता पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।प्रशासन की इस कार्रवाई को पीडीएस व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
इससे राशन वितरण व्यवस्था में गड़बड़ी करने वालों को कड़ा संदेश गया है कि नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त कानूनी कार्रवाई तय है।
