नाबालिग वाहन चालकों पर दुर्ग यातायात पुलिस की सख्ती, 2 दिन में 600 से अधिक वाहनों की जांच, 37 अभिभावकों से भरवाया वचन-पत्र
दुर्ग, 28 जुलाई। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और नाबालिगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से दुर्ग यातायात पुलिस द्वारा नाबालिग वाहन चालकों के विरुद्ध विशेष अभियान लगातार चलाया जा रहा है। अभियान के तहत पिछले दो दिनों में 600 से अधिक दोपहिया वाहनों की सघन जांच की गई, जबकि 67 नाबालिग वाहन चालकों के अभिभावकों को बुलाकर समझाइश दी गई।
सोमवार को दुर्ग-भिलाई क्षेत्र के 37 नाबालिग वाहन चालकों के अभिभावकों की विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में उन्हें मोटरयान अधिनियम के प्रावधानों, नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने के कानूनी परिणामों तथा सड़क दुर्घटनाओं के संभावित खतरों की विस्तार से जानकारी दी गई। सभी अभिभावकों से वचन-पत्र भरवाया गया, जिसमें उन्होंने भविष्य में अपने नाबालिग बच्चों को बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन नहीं चलाने देने का संकल्प लिया।
यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में दोबारा नाबालिग वाहन चलाते पाए गए तो मोटरयान अधिनियम के तहत नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। बैठक के दौरान अभिभावकों की ई-चालान संबंधी समस्याओं का भी समाधान किया गया।प्रवर्तन कार्रवाई के साथ-साथ यातायात पुलिस जागरूकता अभियान भी चला रही है। जिले के विभिन्न स्कूलों में पहुंचकर विद्यार्थियों, शिक्षकों, स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों को सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों की जानकारी दी जा रही है।
विद्यार्थियों को 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने और वैध ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने के बाद ही वाहन चलाने तथा हेलमेट, सीट बेल्ट और अन्य यातायात नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करने की समझाइश दी जा रही है।यातायात पुलिस दुर्ग ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें और उन्हें बिना लाइसेंस वाहन चलाने की अनुमति न दें।
पुलिस का कहना है कि अभिभावकों की थोड़ी-सी सावधानी सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और कई परिवारों को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
