निर्जला एकादशी पर सत्तीचौरा दुर्गा मंदिर में 108 दीपों से महाआरती, फलों की आकर्षक सजावट और भजन संध्या का आयोजन

दुर्ग। निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर दुर्ग स्थित सत्तीचौरा दुर्गा मंदिर में धार्मिक आस्था का भव्य आयोजन हुआ। मंदिर परिसर को विभिन्न प्रकार के फलों और फूलों से आकर्षक ढंग से सजाया गया। सुबह विशेष अभिषेक, पूजन और श्रृंगार के साथ कार्यक्रमों की शुरुआत हुई, जबकि शाम को भजन संध्या और 108 दीपों से महाआरती ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।मंदिर की महिला सदस्या प्रज्ञा राहुल शर्मा ने बताया कि प्रातः 8 बजे मां दुर्गा, भगवान श्रीकृष्ण और श्याम बाबा का विशेष श्रृंगार एवं अभिषेक किया गया।

भीषण गर्मी को देखते हुए दोपहर 12 बजे मंदिर समिति और श्रद्धालुओं द्वारा राहगीरों के लिए ठंडा पानी, शरबत और छाछ वितरण का सेवा शिविर भी लगाया गया।मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित सुनील पांडेय ने निर्जला एकादशी के धार्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की एकादशी का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान, अन्न एवं जलदान तथा निर्जला व्रत करने से सभी 24 एकादशियों के व्रत के समान पुण्यफल प्राप्त होता है और भगवान विष्णु की विशेष कृपा मिलती है।शाम 4 बजे परशुराम महिला मंडल द्वारा भजन-कीर्तन प्रस्तुत किया गया।
इसके बाद शाम 7 बजे मां दुर्गा और श्याम बाबा की 108 दीपों से भव्य महाआरती संपन्न हुई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। महाआरती के पश्चात उपस्थित श्रद्धालुओं को फल, मिष्ठान और शरबत का प्रसाद वितरित किया गया।कार्यक्रम में पार्षद इंद्राणी कुलेश्वर साहू सहित मंदिर समिति के पदाधिकारी, महिला मंडल की सदस्याएं एवं बड़ी संख्या में धर्म प्रेमी श्रद्धालु उपस्थित रहे।
आयोजन पूरे दिन भक्तिमय वातावरण और सेवा भाव के साथ संपन्न हुआ।
