अधिकमास अमावस्या पर जन समर्पण सेवा संस्था ने किया अन्नदान, जरूरतमंदों को वितरित की दैनिक उपयोग की सामग्री

दुर्ग। अधिकमास अमावस्या के पावन अवसर पर जन समर्पण सेवा संस्था, दुर्ग द्वारा जरूरतमंदों, असहायों एवं वृद्धजनों की सेवा करते हुए भोजन एवं आवश्यक सामग्री का वितरण किया गया। संस्था ने पुलगांव स्थित वृद्धाश्रम, कादंबरी नगर के महिला अनाथ आश्रम, दुर्ग रेलवे स्टेशन तथा शहर के विभिन्न फुटपाथों पर निवासरत जरूरतमंद लोगों तक पहुंचकर सेवा कार्य संपन्न किया।
संस्था के अध्यक्ष योगेन्द्र शर्मा ‘बंटी’ ने बताया कि जन समर्पण सेवा संस्था पिछले 9 वर्ष 6 माह (3450 दिनों) से लगातार बिना किसी व्यवधान के प्रतिदिन रात्रि में दुर्ग रेलवे स्टेशन एवं अन्य स्थानों पर अस्थायी रूप से निवासरत मजदूरों, असहायों, महिलाओं, बच्चों एवं दिव्यांगजनों को निःशुल्क भोजन उपलब्ध करा रही है। इसके साथ ही संस्था के सदस्य विभिन्न पर्व-त्योहारों पर भी जरूरतमंदों की सहायता करते आ रहे हैं।
अधिकमास अमावस्या के अवसर पर संस्था के सदस्यों ने वृद्धाश्रम एवं महिला अनाथ आश्रम पहुंचकर सभी वृद्धजनों को नई स्टील की थाली, गिलास और चम्मच वितरित किए तथा उसी में भोजन परोसा। भोजन उपरांत वृद्ध पुरुषों को लुंगी, महिलाओं को नाइटी तथा सभी को मिष्ठान, नमकीन, फल, बिस्किट, साबुन, निरमा, तेल, पेस्ट, कंघी सहित अन्य आवश्यक सामग्री प्रदान की गई।इसके बाद संस्था के सदस्यों ने दुर्ग रेलवे स्टेशन एवं शहर के विभिन्न फुटपाथों पर रहने वाले जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क भोजन के साथ साबुन एवं अन्य उपयोगी सामग्री का वितरण किया।संस्था के पदाधिकारियों ने बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अधिकमास में अन्नदान और सेवा कार्यों का विशेष महत्व माना गया है।
जरूरतमंदों की सेवा से न केवल सामाजिक उत्तरदायित्व का निर्वहन होता है, बल्कि समाज में मानवता और करुणा का संदेश भी प्रसारित होता है।इस सेवा कार्य में संस्था के अध्यक्ष योगेन्द्र शर्मा बंटी, प्रतिभा शर्मा, सुरेश गुप्ता, पार्षद राम भाऊ, मनोज गुप्ता, अर्चला शर्मा, सरिता शर्मा, चंचल शर्मा, पिंकी पुरोहित, किरण सेन, सुमन शर्मा, गिरधर शर्मा, राजेंद्र ताम्रकार, अर्जित शुक्ला, आशीष मेश्राम, सुजल शर्मा, विनय मिश्रा, संदीप गुप्ता, अंकेश पेसवानी, वाशु शर्मा, सार्थक शर्मा, अनस खान, अंश पांडेय, मंटू गुप्ता, मोक्ष शर्मा सहित बड़ी संख्या में संस्था के सदस्य उपस्थित रहे।
