राखी में खुशियों की मिठास: जरूरतमंद बच्चों के बीच पहुंची जन समर्पण सेवा संस्था, बांटी राखी, मिठाई और उपहार

दुर्ग। भाई-बहन के पवित्र और अटूट रिश्ते के पर्व रक्षाबंधन को जन समर्पण सेवा संस्था के युवाओं ने जरूरतमंदों के साथ मनाकर सेवा और मानवता की मिसाल पेश की। संस्था के सदस्यों ने फुटपाथ, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन सहित विभिन्न स्थानों पर पहुंचकर जरूरतमंद बच्चों और परिवारों के साथ राखी की खुशियां साझा कीं। बच्चों को राखियां बांधी गईं और मिठाई के साथ चॉकलेट, नमकीन एवं अन्य उपहार वितरित किए गए।
जन समर्पण सेवा संस्था दुर्ग पिछले 9 वर्ष 8 माह से लगातार, बिना किसी दिन नागा किए जरूरतमंदों को निःशुल्क भोजन उपलब्ध कराने का कार्य कर रही है। संस्था वर्षभर आने वाले पर्व-त्योहारों को भी जरूरतमंद परिवारों के साथ मनाती है। दीपावली पर नए कपड़े और पटाखे, होली पर रंग-गुलाल सहित विभिन्न अवसरों पर आवश्यक सामग्री वितरित कर संस्था जरूरतमंदों के जीवन में खुशियां लाने का प्रयास करती है।संस्था के अंकेश पेशवानी ने बताया कि इसी सेवा परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष रक्षाबंधन पर विशेष पहल की गई।
संस्था के सदस्यों को जानकारी मिली कि शहर में कई ऐसे बच्चे और परिवार हैं, जो फुटपाथ पर जीवन यापन कर रहे हैं। इनमें भाई-बहन भी शामिल हैं, जिनके पास राखी और मिठाई खरीदने तक के लिए पैसे नहीं हैं। ऐसे जरूरतमंदों तक पहुंचकर संस्था के युवाओं ने उन्हें राखी, मिठाई और उपहार प्रदान किए।संस्था के अध्यक्ष योगेन्द्र शर्मा बंटी ने कहा कि “सच्चा त्योहार वही है, जो किसी के चेहरे पर मुस्कान ला सके।
” उन्होंने कहा कि संस्था का उद्देश्य समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति को भी त्योहार की खुशियों से जोड़ना और उन सुविधाओं को जरूरतमंदों तक पहुंचाना है, जिनसे वे अब तक वंचित रहे हैं।रक्षाबंधन के अवसर पर संस्था की इस पहल की शहरवासियों ने सराहना की। युवाओं ने सेवा के माध्यम से यह संदेश दिया कि त्योहार की वास्तविक खुशी तभी है, जब समाज के जरूरतमंद और निराश्रित लोगों के जीवन में भी खुशियों की रोशनी पहुंचे।
सेवा कार्य में राजेन्द्र ताम्रकार, सुजल शर्मा, अख्तर खान, अंश पाण्डेय, अनस खान, मृदुल गुप्ता, हरीश ढीमर, शुभम सेन, रूपल गुप्ता, अर्जित शुक्ला, आशीष मेश्राम, प्रकाश कश्यप, दद्दू ढीमर, संजय सेन, सार्थक शर्मा, सचिन कुमार सहित संस्था के अन्य सदस्यों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।
