VSK ऐप पर हाजिरी शून्य तो 128 का वेतन रोक दिया!
कबीरधाम शिक्षा विभाग की कार्रवाई से हड़कंप, सूची में मृत और स्थानांतरित शिक्षकों के नाम ने खड़े किए बड़े सवाल

कबीरधाम। विद्या समीक्षा केंद्र यानी VSK ऐप पर ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं होने को लेकर कबीरधाम जिला शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग द्वारा जारी सूची के आधार पर सितंबर 2026 का वेतन 128 शिक्षकों एवं कर्मचारियों का रोक दिया गया है। लेकिन कार्रवाई के बाद जारी सूची ही अब सवालों के घेरे में आ गई है। आरोप है कि सूची में मृत एवं पूर्व में स्थानांतरित हो चुके शिक्षकों के नाम भी शामिल हैं।मृत शिक्षक आखिर VSK पर कैसे लगाते हाजिरी?

सबसे गंभीर मामला सहसपुर लोहारा विकासखंड से सामने आया है।

यहां जारी सूची में निम्न नाम शामिल बताए जा रहे हैं—1. सोहन श्रीवास्तव 2. श्रीमती संध्या यादव 3. सुश्री नीता साहू 4. श्रीमती राजश्री चंदेल 5. श्यामाचरण देवांगन इनमें पांच शिक्षकों के मृत होने का दावा किया जा रहा है।
यदि यह तथ्य सही है तो सवाल उठता है कि विभागीय रिकॉर्ड में मृत शिक्षकों के नाम ऑनलाइन उपस्थिति नहीं लगाने वाले कर्मचारियों की सूची में कैसे पहुंच गए?शिक्षकों ने सवाल उठाते हुए कहा है कि “जो शिक्षक जीवित ही नहीं हैं, वे VSK ऐप पर ऑनलाइन हाजिरी कैसे लगा सकते हैं?” वहीं स्थानांतरित शिक्षकों के नाम शामिल होने को लेकर भी विभागीय रिकॉर्ड अपडेट होने पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
14 जुलाई के आदेश के बाद अनिवार्य हुई थी VSK हाजिरी लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़ के आदेश क्रमांक एम.आई.एस./एन-123/2026/452, दिनांक 14 जुलाई 2026 के तहत शासकीय शालाओं और कार्यालयों में पदस्थ कर्मचारियों के लिए VSK ऐप के माध्यम से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य किया गया था।
इसी व्यवस्था के तहत ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं होने पर कार्रवाई करते हुए 128 शिक्षकों एवं कर्मचारियों का सितंबर माह का वेतन रोकने की कार्रवाई की गई है।नेटवर्क और सर्वर की समस्या भी बनी बड़ा मुद्दा शिक्षकों का कहना है कि जिले के कई ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में नेटवर्क कनेक्टिविटी बेहद कमजोर है। कई बार VSK ऐप अथवा सर्वर की तकनीकी समस्या के कारण विद्यालय में उपस्थित रहने के बावजूद ऑनलाइन हाजिरी दर्ज नहीं हो पाती।
शिक्षक संगठनों का आरोप है कि ऐप की तकनीकी समस्या और विभागीय रिकॉर्ड की खामियों का खामियाजा शिक्षकों को वेतन रोककर भुगतना पड़ रहा है।कलेक्टर से लेकर संचालनालय तक पहुंचा मामलाजिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा जारी कार्रवाई की प्रतिलिपि लोक शिक्षण संचालनालय रायपुर, संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग दुर्ग, कलेक्टर कबीरधाम, सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों तथा संबंधित DDO अधिकारियों को भेजी गई है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि 128 कर्मचारियों का वेतन रोकने से पहले विभाग ने सूची का सत्यापन क्यों नहीं किया? यदि सूची में वास्तव में मृत और स्थानांतरित कर्मचारियों के नाम शामिल हैं, तो रिकॉर्ड अपडेट करने की जिम्मेदारी किसकी है?शिक्षक संगठनों ने दी आंदोलन की चेतावनीशिक्षक संगठनों ने कहा है कि यदि तकनीकी त्रुटियों और विभागीय रिकॉर्ड की गलतियों को तत्काल सुधारा नहीं गया तथा पात्र कर्मचारियों का रोका गया वेतन शीघ्र बहाल नहीं किया गया, तो आंदोलन किया जाएगा।
अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग इस गंभीर मामले में जांच कर सूची की त्रुटियों को कैसे सुधारता है और जिन कर्मचारियों का वेतन गलत तरीके से रोका गया है, उन्हें राहत कब मिलती है।
