पोलमी में विकासखंड शिक्षा अधिकारी दीपक ठाकुर ने ली समीक्षा बैठक, स्कूलों की शैक्षणिक व्यवस्था सुधारने के दिए निर्देश
शिक्षकों को शैक्षणिक गतिविधियों, विद्यार्थियों की उपस्थिति, मध्यान्ह भोजन और विभागीय योजनाओं की नियमित समीक्षा करने के निर्देश

पंडरिया। विकासखंड शिक्षा अधिकारी दीपक ठाकुर ने पोलमी में प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं के प्रधान पाठकों और संकुल समन्वयकों की समीक्षा बैठक लेकर विद्यालयों में संचालित शैक्षणिक गतिविधियों एवं विभागीय योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने शासन के निर्देशों का पालन करते हुए विद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार लाने तथा विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति, कक्षा 3वीं से 8वीं तक के बच्चों की पढ़ने एवं पहाड़ा संबंधी दक्षता, स्कूल छोड़ चुके एवं अप्रवेशी बच्चों को पुनः विद्यालय से जोड़ने के प्रयासों तथा यू-डाइस पोर्टल में विद्यार्थियों की प्रविष्टि की समीक्षा की गई। इसके साथ ही अपार आईडी निर्माण, छात्रवृत्ति, आयुष्मान कार्ड, शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति एवं अवकाश प्रविष्टि जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।
विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने विद्यालयों में प्रार्थना, राष्ट्रगीत एवं राष्ट्रगान निर्धारित समय पर अनुशासित ढंग से कराने, शिक्षकों द्वारा दैनिक पाठ्यक्रम निर्माण एवं पाठ्यक्रम विभाजन का पालन करने तथा डिजिटल माध्यमों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के शैक्षणिक उपयोग के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया।बैठक में मध्यान्ह भोजन योजना की गुणवत्ता एवं नियमितता, रसोईघर की साफ-सफाई, पेयजल एवं स्वच्छता व्यवस्था, भोजन की मात्रा और स्वाद पंजी के संधारण की भी समीक्षा की गई।
साथ ही विद्यालयों में चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता, निगरानी एवं स्कूल भवनों की रंगाई-पुताई की स्थिति पर चर्चा की गई।श्री ठाकुर ने प्रधान पाठकों को निर्देशित किया कि वे अपने विद्यालयों से संबंधित सभी अभिलेख एवं आवश्यक जानकारी अद्यतन रखें। समीक्षा के दौरान किसी भी बिंदु पर जानकारी अधूरी अथवा लंबित पाए जाने पर संबंधित संस्था प्रमुख को जिम्मेदार माना जाएगा।बैठक का मुख्य उद्देश्य विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाना, विभागीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना तथा विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना रहा।
