मान्यता प्राप्त कर्मचारी संघ के पत्रों की अनदेखी — जिलाध्यक्ष भानु प्रताप यादव का आरोप
दुर्ग // छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष भानु प्रताप यादव ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि जिला प्रशासन लगातार उनकी बातों को नज़र अंदाज कर रहा है। उन्होंने बताया कि संघ द्वारा ग्यारह बार पत्र लिखकर जिला स्तरीय विभागीय परामर्शदात्री समिति की बैठक आयोजित करने की मांग की गई, लेकिन अब तक उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

यादव ने कहा कि कई वर्षों से यह बैठक न होने के कारण कर्मचारियों और अधिकारियों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। मुख्य समस्याएँ:विभागीय पदोन्नति लंबित समयमान वेतनमान और क्रमोन्नति में देरी सेवा निवृत्त उपरांत देय स्वत्वों का भुगतान अटका पेंशन प्रकरण और मेडिकल बिल का निपटारा समय पर नहीं यात्रा भत्ता, मातृत्व एवं संतान पालन अवकाश भुगतान में देरी विभागीय जांच प्रकरणों का समय पर निपटान न होना
उन्होंने याद दिलाया कि शासन ने मान्यता प्राप्त संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ हर तीन माह में परामर्शदात्री समिति की बैठक आयोजित करने का निर्देश 27 अक्टूबर 2006 के परिपत्र (क्रमांक एफ 8-2/1-9/2006) में दिया है।
इस संबंध में यादव ने दुर्ग कलेक्टर को पत्र भेजकर शीघ्र बैठक बुलाने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन चुप्पी साधे रहा तो कर्मचारियों का आक्रोश और गहराएगा।
