देवसरा जंगल में दफन मिली सेवानिवृत्त लेखपाल की सड़ी-गली लाश, क्षेत्र में सनसनी

देवसरा जंगल में दफन मिली सेवानिवृत्त लेखपाल की सड़ी-गली लाश, क्षेत्र में सनसनी

पंडरिया/लोरमी, 29 मार्च।आठ दिनों से लापता सेवानिवृत्त लेखपाल का शव देवसरा जंगल में दफन अवस्था में मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। पुलिस ने जमीन खोदकर सड़ी-गली हालत में शव बरामद किया और परिजनों से शिनाख्त करवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले में हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस संदेहियों से पूछताछ में जुट गई है।मिली जानकारी के अनुसार ग्राम झाफल निवासी सेवानिवृत्त वरिष्ठ लेखापाल दामोदर सिंह राजपूत (62 वर्ष) 21 मार्च को मुंगेली से अपने पैतृक गांव के लिए निकले थे, लेकिन घर नहीं पहुंचे।

देर रात तक कोई जानकारी नहीं मिलने पर परिजनों ने खोजबीन शुरू की, जिसके बाद लालपुर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई।इसी दौरान मुंगेली-लोरमी मार्ग के मनोहरपुर के पास उनकी मोटरसाइकिल लावारिस हालत में बरामद हुई, जिससे मामले ने गंभीर रूप ले लिया। लगातार तलाश के बाद पुलिस को आखिरकार सफलता मिली और पंडरिया से करीब 16 किलोमीटर दूर देवसरा वन क्षेत्र के बांध के पास जमीन में दफन शव बरामद किया गया।पुलिस ने शव को बाहर निकलवाकर पंचनामा कार्रवाई की और पोस्टमार्टम के लिए पंडरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा।

प्रारंभिक आशंका है कि मृतक की हत्या लापता होने के दिन ही कर दी गई थी और सबूत छुपाने के लिए शव को जंगल में दफना दिया गया।इस घटना से आक्रोशित परिजनों और समाज के लोगों ने पूर्व में पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर जल्द कार्रवाई की मांग की थी। अब शव मिलने के बाद पुलिस ने संदिग्धों की धरपकड़ तेज कर दी है और हर पहलू से जांच की जा रही है।बताया जा रहा है कि दामोदर सिंह राजपूत बेहद सरल, धार्मिक और समाजसेवी प्रवृत्ति के व्यक्ति थे।

उन्होंने विभिन्न धार्मिक और सामाजिक कार्यों में लाखों रुपये दान दिए थे, साथ ही 10 गरीब बच्चों की पढ़ाई का खर्च भी स्वयं उठा रहे थे। ऐसे सज्जन व्यक्ति की हत्या किसने और क्यों की, यह अब जांच का विषय बना हुआ है।

फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी हुई है और जल्द ही पूरे घटनाक्रम का खुलासा होने की उम्मीद जताई जा रही है।

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