सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल: पद्मश्री फूलबासन बाई से मिले विधायक देवेंद्र यादव, कड़ी सुरक्षा की मांग
भिलाई-राजनांदगांव / पद्मश्री सम्मानित समाजसेवी फूलबासन बाई के साथ हाल ही में हुए अपहरण के प्रयास ने प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि अपराधी अपने मंसूबों में सफल नहीं हो सके, लेकिन इस घटना ने आमजन के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों को भी चिंतित कर दिया है।इसी कड़ी में भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव बुधवार सुबह फूलबासन बाई से उनके निवास पर मिलने पहुंचे।
विधायक को देखते ही भावुक हुईं फूलबासन बाई उनसे गले लगकर फूट-फूट कर रो पड़ीं और अपनी पीड़ा साझा की। काफी देर तक चली बातचीत के बाद विधायक ने मीडिया से चर्चा करते हुए घटना को बेहद गंभीर बताया।विधायक देवेंद्र यादव ने कहा कि “पद्मश्री जैसी सम्मानित शख्सियत, जिन्होंने वर्षों तक महिलाओं के उत्थान और समाज सेवा में अपना जीवन समर्पित किया है, उनके साथ इस तरह की घटना होना बेहद चिंता का विषय है।
यह शासन और पुलिस प्रशासन दोनों के लिए शर्मनाक है।”उन्होंने आगे कहा कि इस घटना की केवल सतही जांच नहीं, बल्कि गहराई से पड़ताल होनी चाहिए और इसके पीछे छिपे पूरे षड्यंत्र का खुलासा किया जाना चाहिए। “जो लोग सामने दिख रहे हैं, उनके पीछे के असली मास्टरमाइंड तक पहुंचना जरूरी है,” उन्होंने जोर देते हुए कहा।विधायक ने फूलबासन बाई के योगदान का उल्लेख करते हुए बताया कि वे वर्षों से वनांचल क्षेत्रों में महिलाओं और बच्चों के उत्थान के लिए 20-25 किलोमीटर तक पैदल चलकर सेवा कार्य करती रही हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
उन्होंने मांग की कि जिस प्रकार विधायक और पूर्व विधायकों को सुरक्षा दी जाती है, उसी प्रकार पद्मश्री फूलबासन बाई को भी सुरक्षा मुहैया कराई जाए। “उन्होंने 28 वर्षों तक समाज सेवा में अपना जीवन लगाया है, उनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए,” उन्होंने कहा।घटना के बाद से फूलबासन बाई का परिवार भी भय के माहौल में है। विधायक ने भरोसा दिलाया कि एक भाई के रूप में वे हर परिस्थिति में उनके साथ खड़े रहेंगे।इस दौरान जिला अध्यक्ष विपिन यादव, जीतू मुदलियार, खुज्जी की पूर्व विधायक छन्नी साहू, पूर्व महापौर हेमा देशमुख, आसिफ अली, प्रदेश सचिव कांग्रेस मेहुल मारु, जिला पंचायत सदस्य महेंद्र यादव सहित कई जनप्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता उपस्थित
