2 जून की रोटी अभियान: 350 से अधिक जरूरतमंदों को मिला दो वक्त का भोजन

दुर्ग। जन समर्पण सेवा संस्था, दुर्ग द्वारा 2 जून को विशेष अभियान चलाकर सैकड़ों गरीब, असहाय एवं जरूरतमंद लोगों को दो वक्त का भोजन तथा दैनिक उपयोग की आवश्यक सामग्री वितरित की गई। संस्था ने पुरानी कहावत “2 जून की रोटी” को सार्थक करते हुए शहर के विभिन्न क्षेत्रों में लगभग 350 से अधिक जरूरतमंदों तक भोजन पहुंचाया।

संस्था के अनस खान एवं अंश पाण्डेय ने बताया कि 2 जून को सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक तथा शाम 7 बजे से देर रात तक दुर्ग रेलवे स्टेशन, पोलसाय पारा, पुराना बस स्टैंड, पुलगांव चौक, मिनी माता चौक, पटेल चौक, वृद्धाश्रम, अनाथालय, अस्पताल एवं शहर के विभिन्न फुटपाथों पर रहने वाले जरूरतमंद लोगों को भोजन कराया गया। इसके साथ ही तेल, साबुन, निरमा, बच्चों के लिए दूध, मिष्ठान, नमकीन और अन्य आवश्यक सामग्री का भी वितरण किया गया।
संस्था ने बताया कि “दो जून की रोटी” का अर्थ दो वक्त के भोजन से है। भोजन मनुष्य की सबसे मूलभूत आवश्यकता है और जिन लोगों को यह भी नसीब नहीं होता, उनका जीवन बेहद कठिन हो जाता है। ऐसे में जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराना सबसे बड़ा मानवीय धर्म माना जाता है।जन समर्पण सेवा संस्था पिछले 9 वर्ष 5 माह (3440 दिनों) से लगातार बिना किसी अवकाश के प्रतिदिन 170 से अधिक जरूरतमंदों, फुटपाथों पर रहने वाले लोगों, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन क्षेत्र के गरीबों को निःशुल्क भोजन उपलब्ध करा रही है।
संस्था हर वर्ष 2 जून को विशेष आयोजन कर अधिक से अधिक जरूरतमंदों तक दो वक्त का भोजन पहुंचाने का प्रयास करती है।संस्था के पदाधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष भी प्रयास किया गया कि शहर का कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति 2 जून को भोजन के लिए तरसे नहीं। अभियान के तहत अनाथालय, वृद्धाश्रम, बाल आश्रम, अस्पतालों और फुटपाथों पर जीवनयापन करने वाले लोगों तक भोजन पहुंचाया गया।
इस सेवा कार्य में संस्था के अध्यक्ष योगेन्द्र शर्मा (बंटी) सहित आशीष मेश्राम, सुजल शर्मा, राजेन्द्र ताम्रकार, अख्तर खान, अनस खान, अंश पाण्डेय, अंकेश पेशवानी, रूपल गुप्ता, रूपेश शर्मा, मनोज गुप्ता, लाला, अर्जित शुक्ला, मृदुल गुप्ता, समीर खान, सार्थक शर्मा एवं अन्य सदस्यों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।
जन समर्पण सेवा संस्था का यह मानवीय प्रयास जरूरतमंदों के चेहरों पर मुस्कान लाने और समाज में सेवा व संवेदनशीलता का संदेश देने का एक प्रेरणादायक उदाहरण बना।
