राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के विशेष निगरानीकर्ता प्राध्यापक कन्हैया त्रिपाठी द्वारा कामधेनु विश्वविद्यालय का निरीक्षण

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के विशेष निगरानीकर्ता प्राध्यापक कन्हैया त्रिपाठी द्वारा कामधेनु विश्वविद्यालय का निरीक्षण

दाऊ श्री वासुदेव चन्द्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय, दुर्ग में मानवाधिकार आयोग, नई दिल्ली के विशेष निगरानीकर्ता प्राध्यापक कन्हैया त्रिपाठी के आगमन पर एक विशेष जागरूकता एवं संवाद कार्यक्रम का आयोजन 23 जुलाई 2026 को किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं शिक्षकों में मानवाधिकारों, लैंगिक समानता, साइबर सुरक्षा तथा सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति जागरूकता विकसित हैं। इस अवसर पर प्राध्यापक कन्हैया त्रिपाठी ने कुलपति डॉ.आर.आर.बी.सिंह, कुलसचिव, अधिष्ठाता, निदेशक एवं मानवाधिकार से संबंधित विभिन्न समितियां यथा-एंटी रैगिंग समिति, अनुशासनात्मक समिति एवं महिला उत्पीड़न रोकथाम समिति के समस्त अध्यक्ष एवं सदस्यगण तथा अन्य के साथ बैठक किया।

कुलपति डॉ.आर.आर.बी. सिंह ने बताया कि इस विश्वविद्यालय के अंतर्गत दो पशु चिकित्सा महाविद्यालय अंजोरा एवं बिलासपुर, एक मात्स्यिकी महाविद्यालय, कवर्धा एवं एक डेयरी प्रौद्योगिकी महाविद्यालय, रायपुर एवं सात पॉलीटेक्निक संचालित है। इस विश्वविद्यालय के अंतर्गत स्नातक, स्नातकोत्तर, पी.एच.डी एवं डिप्लोमा वेटनरी, डेयरी एवं मात्स्यिकी के पाठ्यक्रम संचालित है। विश्वविद्यालय केवल ज्ञान का केन्द्र नही, बल्कि संवैधानिक मूल्यों, मानवीय गरिमा और सामाजिक उत्तरदायित्वों के संवर्धन का भी प्रमुख माध्यम है।

विद्यार्थियों में मानवाधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूकता विकसित करना समय की आवश्यकता है। *प्राध्यापक कन्हैया त्रिपाठी, स्पेशल मॉनीटर, राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग, भारत सरकार* ने बैठक में बताया गया कि प्रत्येक विश्वविद्यालय में मानव अधिकार सेल का गठन किया जाना चाहिए। यथा समय लैंगिक समानता, साइबर अपराध के संबंध में संगोष्ठी का आयोजन भी किया जाना चाहिए, जिससे कि छात्र-छात्राओं में जागरूकता तथा संवेदनशीलता का विकास हो।

वर्तमान डिजिटल युग में साइबर हाइजीन के महत्व पर विशेष चर्चा करते हुए साइबर अपराधों से बचाव, सुरक्षित डिजिटल व्यवहार तथा सोशल मीडिया के जिम्मेदार उपयोग के संबंध में महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने छात्रावासों का भ्रमण कर यथास्थिति की जानकारी ली तथा उनकी समस्याओं से भी अवगत हुए।

उनके इस भ्रमण के दौरान विश्वविद्यालय के निदेशकगण, कुलसचिव, अधिष्ठाता एवं विश्वविद्यालय जनसंपर्क अधिकारी उपस्थित रहे।

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