ऐतिहासिक रहा गुरुदेव श्री मणिभद्र मुनि जी महाराज का भव्य चातुर्मास प्रवेश, श्रद्धा और भक्ति से गूंजा दुर्ग

गुरुदेव को 55 बेला एवं 5 तेला तपस्या की अनुपम भेंट, देशभर से पहुंचे हजारों गुरुभक्त
दुर्ग, 26 जुलाई। राष्ट्र संत मानव मिलन के संस्थापक परम पूज्य गुरुदेव श्री मणिभद्र मुनि जी महाराज एवं साधु-साध्वी समुदाय का भव्य एवं ऐतिहासिक चातुर्मास प्रवेश रविवार को दुर्ग नगर में अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर दुर्ग सहित छत्तीसगढ़ और देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने गुरुदेव का भावभीना स्वागत करते हुए धर्म, तप और आराधना के प्रति अपनी अटूट आस्था का परिचय दिया। नगर में निकली चातुर्मास प्रवेश यात्रा जयघोष, मंगल गीतों और धार्मिक उल्लास से गुंजायमान रही।

ओसवाल पंचायत दुर्ग के आह्वान पर आयोजित इस ऐतिहासिक चातुर्मास प्रवेश यात्रा में सकल जैन समाज के सभी वर्गों एवं संप्रदायों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता निभाई। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने गुरुदेव के दर्शन-वंदन कर आशीर्वाद प्राप्त किया तथा पूरे नगर का वातावरण भक्तिमय हो उठा।आयोजकों ने बताया कि चातुर्मास के दौरान देशभर से बड़ी संख्या में गुरुभक्त दुर्ग पहुंचेंगे। इस अवधि में प्रतिदिन प्रवचन, धर्मचर्चा, तप, स्वाध्याय, आराधना एवं विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता रहेगी।
55 बेला एवं 5 तेला तपस्या की अनुपम भेंटचातुर्मास प्रवेश के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं ने गुरुदेव श्री मणिभद्र मुनि जी महाराज को 55 बेला एवं 5 तेला तपस्या की अनुपम भेंट समर्पित की। धर्मचक्र आराधना के अंतर्गत तेला तपस्या का शुभारंभ 27, 28 एवं 29 जुलाई तथा बेला तपस्या का शुभारंभ 28 एवं 29 जुलाई से किया जाएगा। इस तपस्या में बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं सहभागी बनेंगे। कार्यक्रम को सफल बनाने में श्रीमती चंदा रूणवाल, लता छाजेड़, रूचिका बाधमार सहित श्रमण संघ महिला मंडल की सभी सदस्यों ने सक्रिय योगदान दिया।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आवास एवं भोजनशाला की विशेष व्यवस्थाचातुर्मास में देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं एवं अतिथियों के स्वागत-सत्कार के लिए आवास एवं भोजनशाला समिति को सक्रिय कर दिया गया है। चातुर्मास प्रवेश के प्रथम दिवस श्रद्धालुओं के लिए गौतम प्रसादी की उत्कृष्ट व्यवस्था श्री निर्मल जी रतन बोहरा के मार्गदर्शन में की गई। भोजनशाला व्यवस्था में अजय जी नाहर एवं केवल जी छाजेड़ का विशेष सहयोग रहा, जबकि आवास व्यवस्था की जिम्मेदारी अशोक रतन बोहरा, विकास चोपड़ा एवं जिनेश वैद्य द्वारा संभाली जा रही है।
इन संस्थाओं का रहा विशेष योगदानगुरुदेव की अगवानी एवं आयोजन की सफलता में ओसवाल पंचायत दुर्ग, भगवान महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव समिति, जैन मूर्तिपूजक संघ, तेरापंथ परिवार, समता परिवार, सुधर्म परिवार, समर्थ परिवार, शांत क्रांति संघ, दिगंबर जैन पंचायत, चातुर्मास समिति, वर्धमान सेवा मंच, श्रमण संघ स्वाध्याय मंडल, श्रमण संघ महिला मंडल, श्रमण संघ बालिका मंडल तथा जय आनंद मधुकर पाठशाला सहित अनेक धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं का उल्लेखनीय योगदान रहा।
कार्यक्रम का सफल संचालन मंत्री राकेश संचेती ने किया। वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक श्रमण संघ ने सभी श्रद्धालुओं से चातुर्मास के दौरान अधिक से अधिक संख्या में धर्म आराधना, तप, प्रवचन एवं सेवा कार्यों में सहभागी बनकर इस ऐतिहासिक आयोजन को सफल बनाने की अपील की।
