रीवा घटना के विरोध में अकलतरा जैन समाज का मौन आक्रोश, 3 किलोमीटर पैदल मार्च निकाल संत सुरक्षा कानून की उठाई मांग
राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन, निष्पक्ष जांच व राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति लागू करने की मांगअकलतरा। मध्यप्रदेश के रीवा में दो जैन आर्यिकाओं की दर्दनाक मृत्यु की घटना को लेकर जैन समाज में गहरा आक्रोश व्याप्त है। इसी क्रम में अकलतरा जैन समाज ने बुधवार सुबह मुनि श्री 108 सुतीर्थ सागर महाराज के मंगल सानिध्य में विशाल मौन जुलूस निकालकर घटना के प्रति विरोध दर्ज कराया। समाजजनों ने संत सुरक्षा कानून लागू करने, राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति बनाने तथा रीवा घटना की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
सुबह 8 बजे जैन मंदिर से प्रारंभ हुआ मौन जुलूस नगर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरा। समाजजन हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर शांतिपूर्वक अपनी मांगों को प्रस्तुत करते रहे। जुलूस बजरंग चौक, शास्त्री चौक, पोस्ट ऑफिस मार्ग, आजाद चौक, सब्जी मार्केट रोड, भगवान परशुराम मार्ग एवं मस्जिद रोड होते हुए पुनः जैन मंदिर पहुंचा। इस दौरान समाज के लोगों ने लगभग 3 किलोमीटर पैदल चलकर विरोध दर्ज कराया।जुलूस में शामिल लोगों ने जैन संतों की सुरक्षा हेतु ठोस नीति बनाने, प्रशासन और समाज के बीच प्रभावी समन्वय तंत्र स्थापित करने तथा धार्मिक संतों की सुरक्षा को राष्ट्रीय स्तर पर प्राथमिकता देने की मांग की।
जैन समाज के पूर्व अध्यक्ष सुशील जैन ने बताया कि 20 मई 2026 को रीवा में सड़क किनारे खड़ी दो जैन साध्वियों — आर्यिका 105 श्रुति माताजी एवं आर्यिका 105 उपशम मति माताजी — को कार चालक ने टक्कर मार दी थी, जिससे उनकी मृत्यु हो गई। इस घटना से पूरे जैन समाज में शोक और आक्रोश का माहौल है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।महिला मंडल अध्यक्ष संध्या जैन ने कहा कि लगातार जैन साधु-साध्वियों को निशाना बनाए जाने की घटनाएं चिंता का विषय हैं।
संत केवल किसी एक समाज के नहीं, बल्कि पूरे समाज के आध्यात्मिक मार्गदर्शक होते हैं। इसलिए उनकी सुरक्षा के लिए विशेष प्रोटोकॉल और प्रभावी नीति तत्काल लागू की जानी चाहिए।मौन जुलूस के समापन के बाद जैन समाज के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री एवं केंद्रीय गृह मंत्री के नाम एसडीएम सुमित बघेल और तहसीलदार अविनाश सिंह चौहान को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में रीवा घटना की निष्पक्ष जांच, राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति लागू करने, संतों की सुरक्षा हेतु विशेष प्रोटोकॉल तैयार करने तथा धार्मिक संतों के विरुद्ध अपराधों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की गई।
इस अवसर पर जैन समाज के अध्यक्ष राजेश जैन, उपाध्यक्ष विमल जैन, सचिव रूपेश जैन, कोषाध्यक्ष सुबोध जैन, सहसचिव राजा जैन सहित बड़ी संख्या में महिलाएं, युवा और वरिष्ठजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम में समाज की एकजुटता, अनुशासन और संतों के प्रति श्रद्धा स्पष्ट रूप से दिखाई दी।
