डीआर स्वीकृति में बड़ी राहत: अब मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ स्वतंत्र रूप से ले सकेंगे निर्णय, पेंशनर्स एसोसिएशन ने किया स्वागत
रायपुर / छत्तीसगढ़ अधिकारी-कर्मचारी पेंशनर्स एसोसिएशन, जिला शाखा रायपुर ने मध्यप्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2000 की धारा 49 के अंतर्गत पेंशनरों को देय महंगाई राहत (डीआर) की स्वीकृति के लिए मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच आपसी सहमति की अनिवार्यता समाप्त किए जाने के निर्णय का स्वागत किया है। एसोसिएशन ने इसे प्रदेश के लाखों पेंशनरों और परिवार पेंशनरों के हित में ऐतिहासिक एवं सकारात्मक कदम बताया है।
एसोसिएशन के प्रांताध्यक्ष पी.आर. यादव, महामंत्री उमेश मुदलियार और रायपुर जिलाध्यक्ष पंकज नायक ने बताया कि संगठन ने 7 और 8 जुलाई 2026 को प्रदेश के सभी सांसदों एवं विधायकों के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर दोनों राज्यों की आपसी सहमति की बाध्यता समाप्त करने की मांग की थी।उन्होंने बताया कि 17 जुलाई 2026 को मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ शासन के सचिव तथा अपर मुख्य सचिव स्तर से जारी पत्र के माध्यम से डीआर स्वीकृति के लिए आपसी सहमति की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है।
अब दोनों राज्य अपने-अपने स्तर पर महंगाई राहत संबंधी आदेश जारी करने के लिए स्वतंत्र होंगे, जिससे पेंशनरों को समय पर डीआर मिलने का रास्ता साफ हो गया है।एसोसिएशन ने राज्य शासन से मांग की है कि अब बिना किसी विलंब के केंद्र सरकार के समान 1 जनवरी 2026 से देय 2 प्रतिशत महंगाई राहत (डीआर) का आदेश जारी कर एरियर सहित भुगतान प्रदेश के सभी पेंशनरों एवं परिवार पेंशनरों को किया जाए।संगठन ने उम्मीद जताई है कि राज्य सरकार शीघ्र निर्णय लेकर लाखों पेंशनरों को आर्थिक राहत प्रदान करेगी।
साथ ही इस मांग के समर्थन में सहयोग देने वाले सभी सांसदों, विधायकों एवं जनप्रतिनिधियों के प्रति आभार भी व्यक्त किया।
