महादेव सट्टा ऐप के खिलाफ स्वाभिमान मंच ने खोला मोर्चा, राजभवन घेराव के लिए निकले आंदोलनकारियों को पुलिस ने रोका

कार्रवाई नहीं होने पर 60 दिन बाद प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी, तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
रायपुर, 7 सितंबर 2026। महादेव ऐप और ऑनलाइन सट्टेबाजी के खिलाफ छत्तीसगढ़ स्वाभिमान मंच ने मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को मंच के केंद्रीय अध्यक्ष पूरन लाल साहू के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने राजभवन घेराव के लिए आंदोलन किया। आंदोलन में छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के कार्यकर्ता भी शामिल हुए। हालांकि, राजभवन की ओर बढ़ रहे आंदोलनकारियों को पुलिस ने घासीदास प्लाजा के पास बैरिकेड लगाकर रोक दिया।

इसके बाद आंदोलनकारियों ने मौके पर ही तहसीलदार को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री और प्रदेश के गृह मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।मंच ने महादेव ऐप समेत अन्य ऑनलाइन सट्टा और बेटिंग ऐप को तत्काल बंद कराने की मांग की है। साथ ही कथित सट्टा नेटवर्क से जुड़े लोगों के बैंक खातों, संपत्तियों और आर्थिक लेन-देन की जांच कराने तथा संदिग्ध संपत्ति मिलने पर कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है।
ED-CBI जांच और गिरफ्तारी की मांगज्ञापन में मंच ने सौरभ चंद्राकर और उनके सहयोगियों के कथित नेटवर्क एवं आर्थिक लेन-देन की ED और CBI से जांच कराने की मांग की है। इसके साथ ही दिलीप चंद्राकर की जांच एवं गिरफ्तारी की मांग भी रखी गई। मंच ने दावा किया कि उनके कथित संबंधों की भी जांच कर वास्तविकता सामने लाई जानी चाहिए।मंच ने ऑनलाइन बेटिंग ऐप के प्रचार-प्रसार पर रोक लगाने, सोशल मीडिया के माध्यम से कथित प्रचार करने वालों पर कार्रवाई करने तथा ऑनलाइन सट्टेबाजी के नेटवर्क में कथित रूप से शामिल शासन-प्रशासन से जुड़े लोगों के नाम सार्वजनिक करने की मांग की है।
60 दिन का अल्टीमेटम, कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेशभर में आंदोलनछत्तीसगढ़ स्वाभिमान मंच ने सरकार को 60 दिन का अल्टीमेटम देते हुए स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि इस अवधि में मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेशभर में आंदोलन किया जाएगा। मंच ने कहा कि ऑनलाइन सट्टेबाजी के खिलाफ लड़ाई को आगे भी जारी रखा जाएगा और जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
आंदोलन के दौरान कार्यकर्ताओं ने महादेव ऐप और ऑनलाइन सट्टेबाजी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पुलिस द्वारा रास्ते में रोके जाने के बाद तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया। मंच ने मांगों पर कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में शासन-प्रशासन को आगामी आंदोलन के लिए जिम्मेदार ठहराने की चेतावनी दी है।
