बिजली दरों में वृद्धि जनता पर आर्थिक अत्याचार, भाजपा सरकार जनता पर लगातार बोझ डाल रही है – मुकेश साहू
दुर्ग। शहर जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री मुकेश साहू ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नई बिजली दरों की घोषणा को आम जनता पर महंगाई का एक और बड़ा हमला बताया है। उन्होंने कहा कि नई दरों के लागू होने से बिजली उपभोक्ताओं के बिलों में वृद्धि होगी, जिसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा।मुकेश साहू ने कहा कि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी सिलेंडर की बढ़ती कीमतों के बाद अब बिजली दरों में वृद्धि कर भाजपा सरकार ने जनता को एक और झटका दिया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पहले से ही महंगाई की मार झेल रही जनता बिजली के बढ़ते बिलों से परेशान है, लेकिन सरकार राहत देने के बजाय लगातार बिजली के दाम बढ़ाने का काम कर रही है।उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार की 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना बंद किए जाने के बाद भाजपा सरकार द्वारा पांचवीं बार बिजली दरों में वृद्धि करना जनता पर अतिरिक्त बोझ डालने जैसा है। इससे स्पष्ट है कि भाजपा सरकार को गरीब, किसान, मजदूर और मध्यम वर्ग की कोई चिंता नहीं है।मुकेश साहू ने कहा कि प्रदेशभर से बिजली बिलों में अनियमितताओं की लगातार शिकायतें मिल रही हैं।
कई उपभोक्ताओं को पिछले कुछ महीनों से तीन से चार गुना अधिक बिल प्राप्त हो रहे हैं। एक ही माह में ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से अलग-अलग बिल भेजे जाने की शिकायतें भी सामने आई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों और गरीब परिवारों को आवश्यकता से अधिक बिजली बिल भेजे जा रहे हैं। वहीं बिजली बिल समय पर जमा नहीं करने पर लेट फीस में भी वृद्धि की गई है।मुकेश साहू ने कहा कि प्रदेश की जनता स्मार्ट मीटर का लगातार विरोध कर रही है, लेकिन सरकार जनता की चिंताओं को दूर करने के बजाय बिजली दरों में वृद्धि कर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर और बढ़ी हुई बिजली दरों के माध्यम से आम उपभोक्ताओं की जेब पर डाका डालने की तैयारी की जा रही है।उन्होंने कहा कि महंगाई से जूझ रहे परिवारों, किसानों, छोटे व्यापारियों तथा मध्यम वर्ग के लिए यह निर्णय बेहद निराशाजनक और चिंताजनक है। भाजपा सरकार जनहित के बजाय बिजली कंपनियों के हितों को प्राथमिकता दे रही है, जिसका खामियाजा प्रदेश की आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
शहर जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री मुकेश साहू ने राज्य सरकार से बिजली दरों में की गई वृद्धि को तत्काल वापस लेने, बिजली बिलों में हो रही अनियमितताओं की जांच कराने तथा उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करने की मांग की है।
